क्या आप भी सिर्फ फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं? घड़े और पीतल के जग का पानी कितना फायदेमंद है? जानिए डॉक्टर की राय

क्या आप भी सिर्फ फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं? घड़े और पीतल के जग का पानी कितना फायदेमंद है? जानिए डॉक्टर की राय

टीनपी डेस्क (TNP DESK): अक्सर कई लोग गर्मी हो या बरसात हो, फ्रीज़ का ठंडा पानी पीना पसंद करते है. लेकिन क्या आप जानते है कि ठंडा पानी तुरंत राहत तो देता है, लेकिन क्या यह हर समय शरीर के लिए सही है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी पीने की आदत कुछ लोगों में पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ा सकती है. वहीं, पारंपरिक तरीके से घड़े या पीतल के जग में रखा पानी आज भी कई घरों में स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है. हालांकि, इसके फायदे तभी मिलते हैं जब इनका सही तरीके से उपयोग किया जाए.

फ्रिज का ठंडा पानी कब बन सकता है समस्या?

डॉक्टरों के अनुसार, बहुत अधिक ठंडा पानी पीने से कुछ लोगों में गले में खराश, सर्दी, पाचन संबंधी असहजता या संवेदनशील दांतों की समस्या बढ़ सकती है. खासकर भोजन के तुरंत बाद बर्फ जैसा ठंडा पानी पीना कई लोगों के लिए असुविधा पैदा कर सकता है. हालांकि सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए सीमित मात्रा में ठंडा पानी पीना आमतौर पर नुकसानदायक नहीं माना जाता. इसलिए इसे पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि संतुलित मात्रा में सेवन करना बेहतर विकल्प है.

घड़े का पानी क्यों माना जाता है बेहतर?

मिट्टी का घड़ा प्राकृतिक रूप से पानी को ठंडा करता है. इसमें रखा पानी न तो बहुत ज्यादा ठंडा होता है और न ही शरीर को अचानक तापमान का झटका देता है. घड़े का पानी हल्का ठंडा और स्वाद में भी ताजा महसूस होता है. कई डॉक्टर मानते हैं कि गर्मी के मौसम में घड़े का पानी शरीर के लिए अधिक आरामदायक हो सकता है क्योंकि इसका तापमान सामान्य रूप से संतुलित रहता है.

हालांकि, यह भी जरूरी है कि घड़े को नियमित रूप से साफ किया जाए. गंदे घड़े में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए साफ पानी भरना और समय-समय पर घड़े की सफाई करना बेहद जरूरी है.

पीतल के जग में रखा पानी कितना फायदेमंद?

आयुर्वेद में पीतल के बर्तनों में पानी रखने की परंपरा काफी पुरानी है. कुछ शोध बताते हैं कि साफ और सही तरीके से उपयोग किए गए पीतल के बर्तन में रखा पानी कुछ बैक्टीरिया की संख्या कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज या चमत्कारी उपाय नहीं माना जाना चाहिए.

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पीतल के बर्तन की नियमित सफाई जरूरी है. यदि बर्तन पर हरी या काली परत जम जाए तो उसमें पानी नहीं रखना चाहिए. साथ ही पीतल के बर्तन में लंबे समय तक अम्लीय पदार्थ जैसे नींबू पानी या इमली का घोल नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे धातु की सतह प्रभावित हो सकती है.

डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि पानी फ्रिज, घड़े या पीतल के जग का है, बल्कि यह है कि पानी साफ, सुरक्षित और पर्याप्त मात्रा में पिया जाए. सामान्य तापमान या हल्का ठंडा पानी अधिकांश लोगों के लिए बेहतर माना जाता है. यदि किसी व्यक्ति को गले, पाचन या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो उसे अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए.