धनबाद(DHANBAD): झारखंड से सटे चार राज्यों में अब भाजपा की सरकार है. उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और बंगाल में भाजपा की सरकार हो गई है. ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि पशु तस्करी पर अब बड़ा एक्शन हो सकता है. झारखंड सहित अन्य राज्यों में पशु तस्करी अभी भी एक बड़ा अवैध धंधा बना हुआ है. धनबाद में तो पिछले साल भर का रिकॉर्ड खंगाला जाए, तो कीमती गाड़ियों से, कंटेनर से पशु तस्करी के खुलासे होते रहे हैं. पशु तस्करों का एक मजबूत संगठित गिरोह है. इस गिरोह की अपनी व्यवस्था है.
गिरोह का जुड़ाव अन्य राज्यों से भी होने की बात
इस गिरोह का जुड़ाव अन्य राज्यों से भी बताया जाता रहा है. पशुओं को बंगाल में प्रवेश कराया जाता है और फिर इसकी तस्करी की जाती है. इधर, जैसी की सूचना है बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट की पहली बैठक में मवेशी तस्करी और इसके अवैध कारोबार को लेकर कड़ा फैसला लिया है. सूत्रों के अनुसार राज्य भर में अब किसी भी परिस्थिति में अवैध मवेशी हाट या गैर कानूनी बाजार लगाने की अनुमति नहीं होगी। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि मवेशी तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए हर उपाय किए जाएंगें.
बंगाल सरकार का बड़ा फैसला
सूत्रों के अनुसार केवल अवैध मवेशी हाटों पर रोक लगाने तक ही सरकार नहीं रहेगी, बल्कि वैध मवेशी बाज़ारो की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाएगी। मवेशियों की खरीद -बिक्री कहां, कैसे किन लोगों के बीच हो रही है. इसकी पूरी जानकारी रखी जाएगी ,हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच के नाम पर वैध व्यापारियों को या खरीदारों को परेशान नहीं किया जाएगा. जो वैध तरीके से व्यवसाय करते हैं, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा. यहां बताना जरूरी है कि बंगाल में भारत -बांग्लादेश सीमा के जरिए पशु तस्करी लंबे समय से एक संवेदनशी मुद्दा बना हुआ है. खासकर बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से वर्षों से पड़ोसी देश में अवैध रूप से मवेशी तस्करी के आरोप लगते रहे हैं. नई सरकार ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने का फैसला किया है.

