झारखंड में तेजस्वी यादव ने क्यों कार्यकर्ताओं को ललकारा -पुचकारा ,क्यों लिया अन्नपूर्णा देवी का नाम ,क्या पक रही खिचड़ी

    झारखंड में तेजस्वी यादव ने क्यों कार्यकर्ताओं को ललकारा -पुचकारा ,क्यों लिया अन्नपूर्णा देवी का नाम ,क्या पक रही खिचड़ी

    धनबाद(DHANBAD): राजद नेता और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव झारखंड के दौरे पर थे.  उन्होंने झारखंड में कार्यकर्ताओं को पुचकारा भी और ललकारा  भी.  उन्होंने यह कहकर एक चेतावनी भी दे दी कि किसी के आने -जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता.  इस सिलसिले में उन्होंने फिलहाल की केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का नाम गिनाया.  सवाल किया कि क्या अन्नपूर्णा देवी चली गई, तो पार्टी टूट गई? उनके जाने के बाद भी 7 सीटों पर लड़कर  पार्टी के चार विधायक झारखंड में हैं.  तेजस्वी यादव ने यह सब बातें ऐसे समय में कही है, जब झारखंड में गठबंधन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म  है.  कोई बगैर कांग्रेस सरकार बनाने का फार्मूला दे रहा है, तो कोई हेमंत सोरेन को सलाह दे रहा है कि कांग्रेस से गठबंधन तोड़ लेना चाहिए.

    विधानसभा क्षेत्र का परिसीमन की बात कह बढ़ाया उत्साह 

     ठीक इसी समय तेजस्वी यादव रांची पहुंचे और उन्होंने कार्यकर्ताओं को ललकार कर  कहा कि विधानसभा क्षेत्र का परिसीमन होने वाला है.  जाहिर है सीटें  बढ़ेंगी. उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए अभी से ही संगठन को मजबूत करें.  एक दिन में कम से कम एक घंटा संगठन को दें.  संगठन मजबूत होगा तो पार्टी मजबूत होगी. उन्होंने यह कह कर भी यह  संकेत दिया कि झारखंड में राजद  को नजरअंदाज करने की हिम्मत किसी में नहीं है.  यह  अलग बात है कि बिहार में चुनाव के समय झामुमो  के साथ "खेला"  हो गया.  झामुमो  को बिहार में एक भी सीट चुनाव लड़ने को नहीं दिया गया.  इसके लिए कांग्रेस के साथ-साथ राजद  भी जिम्मेदार है. 

    बिहार में तो ड्राइविंग सीट पर तेजश्वी यादव ही थे ,सवाल उनसे भी है 
     
    बिहार में टिकट बंटवारे को लेकर ड्राइविंग सीट पर तेजस्वी यादव ही थे.  इसलिए भी तेजस्वी यादव पर सवाल खड़े किए जा रहे थे.  अभी झारखंड में राज्यसभा चुनाव भी होने जा रहा है.  एक सीट तो गुरु जी के निधन से खाली हुई है, दूसरी सीट सांसद दीपक प्रकाश के कार्यकाल खत्म होने की वजह से खाली होने वाली है.  राज्यसभा की एक सीट तो झामुमो   अपनी बदौलत निकाल लेगा  लेकिन दूसरी सीट के लिए जुगाड़ की राजनीति करनी होगी और ठीक ऐसे ही समय में तेजस्वी यादव झारखंड पहुंचे थे.  एक सवाल यह भी उठ रहा है कि झामुमो  पूरी ताकत के साथ असम में विधानसभा चुनाव लड़ रहा है.  झामुमो  के बंगाल में चुनाव नहीं लड़ने पर भी कई तरह के सवाल किए जा रहे हैं.  खैर, तेजस्वी यादव का रांची आना और कार्यकर्ताओं को पुचकारना , साथ में ललकारना, किसी न किसी राजनीति का हिस्सा भी हो सकता है. समय के साथ इस पर से पर्दा हटेगा।  फिलहाल झारखंड में राजद  कोटे से एक मंत्री है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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