BCCL का मुनाफा घटने से कोयलांचल की आर्थिक सेहत पर क्या पड़ेगा असर, पहले और अब में क्या होगा अंतर?

    BCCL का मुनाफा घटने से कोयलांचल की आर्थिक सेहत पर क्या पड़ेगा असर, पहले और अब में क्या होगा अंतर?

    धनबाद (DHANBAD): बीसीसीएल की आर्थिक सेहत के साथ कोयलांचल की आर्थिक गतिविधियां भी जुड़ी हुई हैं. कोल इंडिया की सबसे बड़ी इकाई बीसीसीएल की गतिविधियां बढ़ती हैं, खर्चों में कटौती नहीं की जाती है, तो कोयलांचल की आर्थिक सेहत भी बम-बम करती है. लेकिन, जब बीसीसीएल कमजोर पड़ती है, तो कोयलांचल की आर्थिक सेहत भी कमजोर हो जाती है. सारे व्यवसाय प्रभावित हो जाते हैं. होटल का कारोबार हो अथवा ट्रांसपोर्ट का, बाजार हो या दुकान सब जगह इसका असर दिखता है. कंपनी जब पहले BIFR में गई थी तो कोयलांचल इसका असर देख चुका है. 

    बीसीसीएल के मुनाफे में भारी गिरावट दर्ज की गई है
     
    जानकारी के अनुसार बीसीसीएल के मुनाफे में भारी गिरावट दर्ज की गई है.  2024-25 में कंपनी को 1240.19 करोड़ का मुनाफा हुआ था, वही 25-26 में यह मुनाफा घटकर 128. 28 करोड़ का रह गया है. यह आंकड़ा सूत्रों के अनुसार बीसीसीएल बोर्ड की बैठक में निकलकर आया है. सूत्र बता रहे हैं कि बीसीसीएल फिलहाल बकाया के बोझ से दबी हुई है. पावर कंपनियों सहित अन्य उपभोक्ताओं पर कंपनी का बकाया बढ़कर 2863.18 करोड रुपए हो गया है, जबकि पिछले तृतीय वर्ष में यह राशि कम थी. दरअसल, कोयला उत्पादन की लागत बढ़ गई है और बकाया अधिक होने से कंपनी की सेहत बिगड़ने लगी है. बैठक में कोयला उत्पादन बढ़ाने और क्वालिटी डिस्पैच पर विशेष जोर दिया गया. दरअसल, बीसीसीएल की तरफ से खरीदार भी मुंह मोड़ रहे है. इस वजह से कंपनी "कैशबैक" पॉलिसी लेकर भी आई थी. इस पॉलिसी का कंपनी को लाभ भी  मिला, कोयला बिका भी.  

    प्राइवेट प्लेयर्स के प्रवेश से कोल् इंडिया को मिल रही बढ़ी चुनौती 

    दरअसल, प्राइवेट प्लेयर्स के प्रवेश से अब कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों को कड़ी चुनौती  मिल रही है.  कई बड़े-बड़े संस्थानों को कोल् ब्लॉक भी आवंटित हो गया है. नतीजा है कि कोयला कंपनियों के कोयले का डिमांड घट गया है. बीसीसीएल के सामने कोयला चोरी रोकना भी एक बड़ी समस्या है. आउटसोर्सिंग कंपनियों की आड़ में कोयला चोरी बेधड़क चल रही है. अवैध  उत्खनन तो है ही. कोयला चोरी की  बदौलत कई लोग अपनी समानांतर व्यवस्था चलाने लगे हैं. अभी हाल ही में सीसीटीवी कैमरे की जांच करने गए ब्लॉक दो इलाके में अधिकारियों के साथ मारपीट की गई. उनके अपहरण की भी कोशिश की गई. यह  इस बात का प्रमाण है कि कोयला चोरी में लगे संगठित गिरोह अब ताकतवर हो गए है. बीसीसीएल को सिर्फ प्राइवेट प्लेयर से ही नहीं बल्कि कोयला चोरों के संगठित गिरोह से भी चुनौती मिल रही है.



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