जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर में एक रैयती जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर रविवार को जमकर बवाल हुआ. परसुडीह थाना क्षेत्र स्थित बारीगोड़ा-डुंगरीटोला में रैयती जमीन को लेकर चल रहा विवाद रविवार को उग्र रूप ले बैठा. लंबे समय से जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर चल रहे तनाव के बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण और पीड़ित परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे तथा निर्माणाधीन चहारदीवारी को तोड़ दिया. घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई. पुलिस ने हस्तक्षेप कर किसी तरह मामले को शांत कराया. जानकारी के अनुसार बारीगोड़ा-डुंगरीटोला के कृति मैदान के समीप स्थित एक रैयती भूमि को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा नंदो भूमिज की पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था. इस जमीन का उल्लेख खाता संख्या-179 तथा प्लॉट संख्या-4 और 5 के रूप में किया जा रहा है. मामले को लेकर शनिवार को गांव में माझी बाबा रमेश मुर्मू की अध्यक्षता में ग्रामसभा आयोजित की गई थी. बैठक में ग्रामीणों ने कथित अवैध कब्जे और निर्माण कार्य का विरोध करते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की. ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि 24 घंटे के भीतर निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो ग्रामीण स्वयं कार्रवाई करेंगे. इस संबंध में परसुडीह थाना और अंचल कार्यालय को भी लिखित सूचना दी गई थी.
पारंपरिक हथियार के साथ महिलाएं भी पहुंची
निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद रविवार को ग्रामीण पारंपरिक हथियार के साथ मौके पर पहुंचे. इसमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी. वहां निर्माण कार्य जारी रहने पर लोगों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने निर्माणाधीन चहारदीवारी को हथौड़ा से ध्वस्त कर दिया. इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की. ग्रामीणों का आरोप था कि विवादित भूमि पर निर्माण कार्य प्रशासन की जानकारी में कराया जा रहा था. हालांकि पुलिस ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. माझी बाबा रमेश मुर्मू ने कहा कि गांव की पारंपरिक व्यवस्था और रैयती जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे. पुलिस की मध्यस्थता के बाद फिलहाल क्षेत्र में शांति है. वहीं, जमीन को अपना बताने वाले अरविंद सिंह ने कहा कि मैने यह जमीन अवतार सिंग नामक व्यक्ति से खरीदी है. 84 कट्ठा जमीन मैंने खरीदी. जमीन के चारों ओर मैंने चहारदीवारी बनवाई थे, जिसे तोड़ दिया गया.

