TNP DESK: झारखंड में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई को बड़ा झटका लगा है. दरअसल संगठन का एक लाख रुपये का इनामी एरिया कमांडर हाबिल मुंडू ने आत्मसमर्पण कर दिया.
हाबिल मुंडू ने खूंटी जिला प्रशासन समक्ष किया सरेंडर
हाबिल मुंडू ने खूंटी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के समक्ष सरेंडर किया. पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से संगठन के लिए सक्रिय था और कई उग्रवादी घटनाओं में उसकी संलिप्तता थी.
प्रशासन ने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हाबिल मुंडू ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. आत्मसमर्पण के बाद उसे नियमानुसार सभी सरकारी सुविधाएं और पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा.
अधिकारियों का कहना है कि इस आत्मसमर्पण से क्षेत्र में पीएलएफआई की गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा और अन्य उग्रवादियों को भी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.
पुलिस और प्रशासन ने इसे नक्सल उन्मूलन अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है और कहा है कि आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे.