जमशेदपुर में अपार्टमेंट के लोगों को लगता है डर, गर्मी की शुरुआत होते ही लोगों में बढ़ी चिंता, आखिर क्या है कारण जानिए

    जमशेदपुर में अपार्टमेंट के लोगों को लगता है डर, गर्मी की शुरुआत होते ही लोगों में बढ़ी चिंता, आखिर क्या है कारण जानिए

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) : लौहनगरी जमशेदपुर शहर यूं तो स्मार्ट सिटी और मिनी मुंबई के नाम से जाना जाता है. जहां मुंबई की तरह ही लंबी लंबी इमारतें और अपार्टमेंट बनाए गए हैं. मगर आश्चर्य की बात तो ये है कि इन लंबे अपार्टमेंट में किसी भी तरह की आग से बचने वाले यंत्र की सुविधा नहीं है. जिसकी वजह से लोगों में आपातकालीन स्तिथि को लेकर डर बना हुआ है. हाल ही में एक बिल्डिंग में आग लग गई जिसके बाद लोगों के बीच चिंता और भी बढ़ गई. इन सारी बातों के बाद बिल्डरों पर एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिकार लोगों की जिंदगी के साथ इतनी बड़ी लापरवाही कैसे. बता दें कि जमशेदपुर शहर में लगभग 1200 अपार्टमेंट हैं, शहर के किसी भी अपार्टमेंट में आग लगी तो यहां भी धनबाद जैसी स्तिथि बन सकती है. किसी भी अपार्टमेंट में आग बुझाने के लिए किसी भी यंत्र की सुविधा नहीं है. इतना ही नहीं शहर के कई अपार्टमेंट में उतरने के लिए एक ही सीढी बनाई गई है, जो सबसे बड़ी चिंता का विषय. यदि आग लगने जैसी समस्या आई तो एक ही रास्ता होने के वजह से काफी अफरा तफरी मच सकती है.

    आम लोगों को सता रहा है डर 

    आम लोगों का कहना है कि कुछ अपार्टमेंट पर अग्निशमन यंत्र तो लगाए गए हैं मगर उन्हें चलाना लोगों को नहीं आता. यदि उन्हें इसका इस्तेमाल करने आए तो यंत्र से छोटी आग पर काबू पाया जा सकता है. लोगों का कहना है हम इस बाद से डरे हुए है कि गर्मी की शुरुआत हो चुकी है और ऐसे समय में आग लगने की स्तिथि ज्यादा बढ़ जाती है, बिल्डरों द्वारा रुपए तो लिए जा रहे हैं मगर इससे बचने के लिए सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है. इसके साथ ही उन्होंने ऐसी लापरवाही पर जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की हैं . 

    कई अपार्टमेंट को किया गया सील 

    जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के विशेष पदाधिकारी ने कहा कि जिस तरह गर्मी की शुरुआत होते ही जमशेदपुर शहर में आग की घटनाएं बढ़ जाती है. साथ ही जिस तरह धनबाद की अपार्टमेंट में आग लगने कि खबरें सामने आ रही है उसे लेकर हम लोग भी काफी चिंतित है. इस तरह की घटना ना हो उसे लेकर पूरी तरह से कमर कस लिया गया है और क्षेत्र में जितने भी अपार्टमेंट बने हैं उसका सर्वे करवाया जा रहा है. इस सर्वे में लोगों से ये जानकारी ली जा रही है कि उनके अपार्टमेंट में आग बुझाने के यंत्र उपलब्ध है या नहीं. कारवाई में उन 30 अपार्टमेंट को सील किया गया है जिसमे अग्नि समन्वय यंत्र की सुविधा उपलब्ध नहीं है.  वही 63 ऐसे अपार्टमेंट है जहां अग्निशमन में गाड़ी नहीं जा सकती हैं उसमें से भी लगभग 25 से 30 अपार्टमेंट को सील किया गया हैं. ऐसे में बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई करने कि बात भी कही गई है. 

    जिला प्रशासन द्वारा लोगों से अपील--

    1- अपार्टमेंट में आग लगने पर सीढी ब्लॉक हो जाती है,  ऐसे समय में तत्काल सबसे ऊपर वाले तल्ला यानी छत पर चले जाएं. 
    2- यदि बिल्डिंग एक दूसरे से सटी है तो किसी भी तरह किसी लकड़ी का इस्तेमाल कर दूसरे बिल्डिंग पर चले जाना चाहिए. 
    3- आग लगने पर बालकोनी की तरफ जमा हो जाना चाहिए, यदि बालकोनी की तरफ भी आग की लपटें आने का खतरा है तो छत पर चलें जाए. 
    4- यदि अपार्टमेंट में या कमरे के अंदर धुआं भर गया है तो उनको जमीन पर लेट जाना चाहिए, घुआ जमीन से एक से डेढ़ फीट ऊपर रहता है.


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