सरेंडर करने वाला कुख्यात नक्सली दुर्योधन धनबाद के तोपचांची का है रहने वाला,1993 में पहली बार हुआ था केस,जानिए उसका डिटेल्स


धनबाद(DHANBAD): भाकपा माओवादी के रीजनल कमेटी सदस्य दुर्योधन महतो धनबाद के तोपचांची का रहने वाला है. शुक्रवार को रांची में पुलिस और सीआरपीएफ के सामने उसने सरेंडर किया. उसके ऊपर 15 लाख का इनाम घोषित था. दुर्योधन महतो के खिलाफ झारखंड के 8 जिलों में सैकड़ों केस दर्ज हैं. उस पर हजारीबाग में ब्लास्ट कर 17 जवानों की हत्या का भी आरोप है. धनबाद के तोपचांची के नावाडीह का रहने वाला दुर्योधन पर गोरिया थाने में वर्ष 1993 में पहली बार डकैती का केस हुआ था. उस समय वह झुमरा इलाके में प्लाटून कमांडर था और इलाके के घरों से लाइसेंसी बंदूक लूटता था. 1993 से पहले वह इलाके में सक्रिय बड़े नक्सली नेताओं के साथ काम करता था. फिर उसे प्लाटून कमांडर की जिम्मेदारी मिली.वह नक्सलियों का फौजी दस्ता तैयार करता था. झुमरा में अधिक सक्रियता के कारण शुरुआती के दिनों में उस पर इस इलाके में अधिकतर मामले दर्ज हुए हैं. चंद्रपुरा जीआरपी थाने पर हमला कर 20 राइफल लूटने का भी उस पर आरोप है. हजारीबाग में सीआरपीएफ जवानों से भरे वाहन को ब्लास्ट कर उड़ाने का भी आरोप है. इसमें 17 जवानों की मौत हो गई थी. इसके अलावा भी उस पर कई आरोप है. धनबाद का तो प चाची उग्रवादियों का गढ़ माना जाता रहा है. पहाड़ी और जंगली इलाकों से अच्छादित होने के कारण यहां शरण में भी मदद मिलती है.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
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