जमशेदपुर में आंधी ने खोली बिजली विभाग की पोल, 24 घंटे बाद भी कई गांव अंधेरे में

    जमशेदपुर में आंधी ने खोली बिजली विभाग की पोल, 24 घंटे बाद भी कई गांव अंधेरे में

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): सोमवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दिलाई, लेकिन कई परिवारों के लिए यह आफत बनकर आई. लोगों के आशियाने उजाड़ गए. तेज हवाओं के कारण अनेक घरों के एस्बेस्टस, टाली और टिन के शेड उड़ गए. जमशेदपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में आंधी का असर सबसे अधिक देखने को मिला. कई कच्चे और कमजोर मकानों की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि कुछ घरों का सामान भी बारिश में भीगकर खराब हो गया. ऐसे में लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए है. रातभर कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों या पड़ोसियों के यहां शरण लेकर समय बिताया. तेज हवा के साथ हुई बारिश ने बिजली आपूर्ति को भी प्रभावित किया. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द राहत और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है. सोमवार की शाम करीब 50 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली थी. तेज हवा के कारण कई जगहों पर बड़े- बड़े पेड़ भी गिर गए. कई सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हुई.

    घाटशिला अनुमंडल में आंधी ने मचाई तबाही

    पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल में भी आंधी ने काफी तबाही मचाई. यहां 50 से अधिक लोगों का आशियाना उजड़ गया. डुमरिया प्रखंड के मानिकपुर गांव में सुनिया मुर्मू के घर का एस्बेस्टस आंधी में उड़ गया. बहरागोड़ा प्रखंड के गुररुसाईं गांव में मानमथ नायक के घर का एस्बेस्टस आंधी में उड़कर गिर गया. चपेट में आने से उनके दो बेटे घायल हो गए. जबकि पनखीशोल गांव में श्रीहरी मंडल, भजहरी मंडल, पतित पावन मंडल और शांतनु मंडल के मकानों के एस्बेस्टस भी उड़ गए. गड़ाबांदा प्रखंड के बाहुटिया गांव व दिलीप कुमार सिंह की दुकान पर लगा एस्बेस्टस आंधी में पूरी तरह उड़ गया. दुकान के अंदर रखा कीमती सामान नष्ट हो गए. जबकि ज्वालकांटा स्थित बादल महतो के होटल का छज्जा भी आंधी की चपेट में आकर गिर गया.  वहीं, चाकुलिया प्रखंड में भी आंधी का कहर देखने को मिला. कालाझरिया गांव निवासी हरिदयाल मुर्मू और पीरू बेसरा का घर क्षतिग्रस्त हो गया है. जबकि जामबनी गांव निवासी राजेश हेम्ब्रम, गोदराशोल गांव निवासी अनिल नायक, मानिक नायक के घर का छप्पर क्षतिग्रस्त हो गया. 

    दलखाम टोला में करीब 20 घर क्षतिग्रस्त 

    जमशेदपुर से सटे गरुड़बासा के दलखाम टोला में आंधी का कहर देखने को मिला. आंधी के कारण यहां करीब 20 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. कई घरों की एस्बेस्टस की छतें उड़ गईं, जबकि घरों में रखा सामान भी बर्बाद हो गया. राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई. पंचायत की मुखिया लीला मुंडा ने पीड़ित परिवारों को तिरपाल उपलब्ध कराया, ताकि लोग अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कर सकें. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है. 

    बिजली अब तक बहाल नहीं

    तेज आंधी ने बिजली विभाग की तैयारियों की पोल भी खोल दी है. ग्रामीण इलाके के कई गांवों में रात भर अंधेरा पसरा रहा. मंगलवार शाम तक भी कई गांवों में बिजली बहाल नहीं हुई है. बिजली बहाल नहीं होने के कारण जलापूर्ति भी प्रभावित हुई है. आंधी-बारिश के कारण कई जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए है. जबकि कई पेड़ भी बिजली के तारों पर गिरे है. बिजली विभाग मंगलवार को दिन भर बिजली बहाल के लिए टूटे खंभे और जर्जर तारों की मरमत में लगा रहा. लेकिन करीब 24 घंटे बीतने के बाद भी कई गांवों में बिजली अब तक बहाल नहीं हुई है. 



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