जमशेदपुर(JAMSHEDPUR):जमशेदपुर में आज एक अनोखी और पारंपरिक कबूतरबाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खूब खींचा.सुबह से ही कबूतर उड़ाने की शुरुआत हो गई और पूरे इलाके में उत्साह का माहौल रहा.यह प्रतियोगिता कबूतर बाज क्लब द्वारा आयोजित की गई थी.इसमें 30 से ज्यादा लोगों ने अपने-अपने प्रशिक्षित कबूतरों के साथ हिस्सा लिया.सभी कबूतरों को खुले आसमान में उड़ाया गया और उनकी उड़ान का समय ही जीत का आधार रखा गया.
लंबी उड़ान पर 50 हजार तक का इनाम
इसके नियम भी काफी आसान है जो कबूतर शाम 7 बजे तक सबसे ज्यादा देर तक हवा में रहेगा, उसे विजेता माना जाएगा और उसे 50,000 का इनाम मिलेगा.जो कबूतर शाम 6 बजे तक लौटेगा, उसे दूसरा स्थान और जो 5 बजे तक लौटेगा, उसे तीसरा स्थान दिया जाएगा.प्रतिभागियों ने बताया कि ये कबूतर खास तरीके से प्रशिक्षित किए जाते है. ये लंबी उड़ान के बाद भी अपने मालिक के पास वापस आ जाते है.कबूतरबाजी की यह परंपरा बहुत पुरानी है.पहले के समय में राजा-महाराजा संदेश भेजने के लिए कबूतरों का इस्तेमाल करते थे.
जमशेदपुर की पुरानी परंपरा और संस्कृति
आज भले ही मोबाइल और इंटरनेट आ गया हो, लेकिन कबूतरबाजी का शौक आज भी लोगों में बना हुआ है. इन कबूतरों की देखभाल बहुत ध्यान से की जाती है उन्हें अच्छे खाने में धान, बादाम और पौष्टिक चीजें दी जाती है ताकि वे ज्यादा देर तक उड़ान भर सके.यह आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि जमशेदपुर की पुरानी परंपरा और संस्कृति को बचाए रखने की एक कोशिश भी है.
रिपोर्ट-रंजीत ओझा

