झारखंड में तस्करों का कारनामा, अवैध खनन से रेलवे पुल डैमेज! रांची-लोहरदगा-टोरी लाइन पर महीनों बंद रहेगा परिचालन
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रांची(RANCHI): राज्य में बालू तस्कर नासूर बन गए.अब बालू खनन का असर रेलवे पर पड़ा है. कोयल नदी से अवैध बालू खनन ने रेलवे पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया. जिससे अब रांची-लोहरदगा-टोरी लाइन पर ट्रेन का परिचालन बंद करना पड़ गया. जिससे हजारी यात्री प्रभावित हुए है. फिलहाल रेलवे की ओर पुल को मरम्मत करने का काम शुरू किया गया है.
बता दे कि कोयल नदी पुल के क्षतिग्रस्त पिलर को ठीक होने में मार्च तक का समय लग सकता है. तब तक रांची–लोहरदगा–टोरी रेल मार्ग पर रेल परिचालन मार्च तक सामान्य होने की उम्मीद नहीं है.परिचालन बंद होने से डालटनगंज से रांची की यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने लोहरदगा पहुंचकर क्षतिग्रस्त पुल का मुआयना किया. निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि पुल के आसपास लंबे समय से हो रहे अवैध बालू उठाव के कारण पिलर का फाउंडेशन कमजोर हुआ है, जिससे संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है.रेलवे प्रशासन के अनुसार, मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, लेकिन सुरक्षा मानकों को देखते हुए फिलहाल इस मार्ग पर रेल परिचालन बहाल करना संभव नहीं है. इस अवधि में राजधानी एक्सप्रेस, चोपन एक्सप्रेस और सासाराम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें इस रूट पर नहीं चलेंगी.
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है. लोहरदगा से नागजुआ के बीच बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में न्यूनतम असुविधा हो. रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले वैकल्पिक व्यवस्था और अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें.
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