जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है. गुरुवार को निजी स्कूलों में री एडमिशन के नाम पर अवैध पैसों की वसूली करने का आरोप लगाते हुए डीसी ऑफिस में प्रदर्शन किया गया. यह प्रदर्शन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के बैनर तले बैठ गए. इसमें काफी संख्या में लोगों के साथ बच्चों के अभिभावक भी शामिल रहे. प्रदर्शन के बाद विभिन्न मांगों को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसी को ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कहा गया है कि शहर के कई निजी स्कूल री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क ले रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है.
ये मांगें रखी
संगठन ने अपनी मांगों में स्पष्ट किया है कि सभी निजी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन अनिवार्य किया जाए. इसके अलावा शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत 25 प्रतिशत आरक्षण को सख्ती से लागू करने की मांग की गई है. खतियानी रैयतदारों के बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग रखी. शुल्क वृद्धि अधिनियमों के प्रावधानों की पूर्णरूप से अनुपालन करने की भी मांग की गई. कहा गया कि निजी स्कूलों में पढ़ाई का शुल्क 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होने की मांग भी की गई.
शुल्क वृद्धि की अवधि 2 वर्ष हो
प्रदर्शनकरियों ने कहा कि शुल्क वृद्धि की अवधि न्यूनतम 2 वर्ष होनी चाहिए. यह भी कहा गया कि निजी स्कूल प्रबंधन के तरफ से आरटीई के तहत 25% शुल्क अधिक लेकर जिस बच्चों का एडमिशन लिया जाता है, यह सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किया जाए. लोगों ने सभी निजी विद्यालयों की विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करने की मांग भी की.
Thenewspost - Jharkhand
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