धनबाद(DHANBAD): बंगाल चुनाव पर सिर्फ बंगाल के ही लोगों की नहीं ,बल्कि पूरे देश की नजर टिक गई है. 4 मई को तृणमूल कांग्रेस रिपीट करेगी अथवा सत्ता से बाहर होगी? क्या बीजेपी का पहली बार बंगाल में परचम लहराएगा. यह सब सवाल लोगों की जेहन में कौंध रहे हैं. इस बीच बंगाल की लड़ाई और तीखी होती जा रही है. एक पर एक चाल चले जा रहे हैं. बंगाल में ममता बनर्जी की "लक्ष्मी भंडार" योजना को चुनौती देने के लिए भाजपा "मातृशक्ति भरोसा कार्ड" लेकर आई है. ममता बनर्जी की "लक्ष्मी भंडार" योजना में प्रत्येक महीना 15 सौ रुपए दिए जाते हैं, तो "मातृशक्ति भरोसा कार्ड" में ₹3000 देने का वादा किया गया है.
महिला मतदाताओं के लिए भाजपा का बड़ा कार्ड
दरअसल, बंगाल की महिला मतदाताओं को साधने के लिए भाजपा ने एक बड़ा चुनावी कार्ड खेल दिया है. बुधवार को बांग्ला नव वर्ष के अवसर पर भाजपा ने "मातृ शक्ति भरोसा कार्ड" लांच किया. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने संयुक्त रूप से कार्ड का अनावरण किया. भाजपा का संकल्प है कि बंगाल में अगर उसकी सरकार बनती है, तो बंगाल की प्रत्येक महिला को बिना किसी भेदभाव के हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. स्मृति ईरानी ने राज्य की कानून -व्यवस्था और महिला की सुरक्षा को लेकर तृणमूल सरकार पर हमला बोला.
बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले सियासी दाव में चरम पर
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले सियासी दाव में चरम पर हैं. जनता को लुभाने के लिए एक से बढ़कर एक वादे किए जा रहे हैं. बड़ी-बड़ी घोषणाएं हो रही है. प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री लगातार बंगाल का दौरा कर रहे हैं, तो ममता बनर्जी भी पीछे नहीं हैं. भाजपा ने योजना बनाकर भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार बांया। भाजपा की योजना रही होगी कि ममता बनर्जी पर मानसिक दबाव बनाया जाए और उन्हें भवानीपुर में ही घेर कर रखा जाए. सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर और नंदीग्राम दो जगह से चुनाव लड़ रहे है. नंदीग्राम से वह विधायक हैं, लेकिन इन सब से बेखबर ममता बनर्जी लगातार चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं और वह लगातार भाजपा के नेताओं को ललकार रही है.
जम्मू-कश्मीर से बंगाल पहुंचीं बुलेटप्रूफ गाड़ियां
विधानसभा चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर से बुलेटप्रूफ गाड़ियां मंगवायी हैं. बुधवार को दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर और आसपास के इलाकों में इन गाड़ियों को रूट मार्च करते देखा गया, जिससे लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ. मतदान के दौरान किसी भी तरह की हिंसक स्थिति जैसे फायरिंग या पथराव होने पर इन वाहनों का इस्तेमाल किया जायेगा. इसके अलावा, अगर कोई वीआइपी भीड़ या अफरातफरी के बीच फंस जाता है, तो उसे सुरक्षित निकालने के लिए भी इन गाड़ियों का उपयोग किया जायेगा.
Thenewspost - Jharkhand
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