धनबाद(DHANBAD): धनबाद कोयलांचल में जनता मजदूर संघ का इतिहास पुराना है. कोयलांचल के मजबूत मजदूर नेता माने जाने वाले सूर्यदेव सिंह, जब राष्ट्रीय कोयलारी मजदूर संघ से नाता तोड़ा तो उन्होंने जनता मजदूर संघ की स्थापना की. यह अलग बात है कि काल खंड के अनुसार जनता मजदूर संघ भी टुकड़ों में बंटता रहा, लेकिन वर्तमान में "मेयर की कुर्सी" ने जनता मजदूर संघ और जनता श्रमिक संघ को भी "संजीवनी" दे रही है. संघ फिर एक बार आवाज बुलंद करने को तैयार है. यह कहना गलत नहीं होगा कि 8 साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद संजीव सिंह जब आरोपों से बरी होकर निकले, तो मेयर की कुर्सी उनका इंतजार कर रही थी. वह मेयर बन गए,
बीसीसीएल के एरिया- एक से लेकर एरिया -12 तक फोकस पॉइंट
उसके बाद अब कोयला मजदूरों की राजनीति को पहले से अधिक तेज करने का प्रयास शुरू कर दिया है. इस प्रयास में वह बीसीसीएल के एरिया- एक से लेकर एरिया -12 तक को फोकस पॉइंट पर रखा है. यह बात भी सच है कि कोयलांचल में मजदूर संगठनों की पहले जैसी पकड़ नहीं रह गई है. अब मजदूरों के निर्णय मजदूर संगठनों के दबाव में नहीं, बल्कि प्रबंधन के शर्तों पर होता है. ऐसे में जनता मजदूर संघ की सक्रियता आगे कैसे मजदूरों के लिए हितकारी होगी, यह देखने वाली बात होगी। उल्लेखनीय है कि जनता श्रमिक संघ का गठन ,उस समय हुआ ,जब संजीव सिंह जेल में थे.
झरिया में हुई संघ की महत्वपूर्ण बैठक
बता दें कि बुधवार को झरिया में जनता श्रमिक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता जनता श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष संतोष सिंह ने की. इस अवसर पर झरिया विधायक सह जनता श्रमिक संघ की महामंत्री रागिनी सिंह तथा धनबाद मेयर सह जनता श्रमिक संघ के सदस्य संज़ीव सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।बैठक में संगठन को मजबूत बनाने तथा भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को और प्रभावी बनाने तथा संगठन की गतिविधियों को तेज करने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।बैठक के दौरान विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि काफी समय से श्रमिक संगठन की बैठक नहीं हो पाई थी, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबित थे। उन्होंने कहा कि बैठक में संगठन को पुनः सक्रिय और मजबूत बनाने के लिए कई आवश्यक निर्णय लिए गए हैं तथा बीसीसीएल के संगठित एवं असंगठित मजदूरों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया है.
क्या कहा मेयर संजीव सिंह ने
वहीं मेयर संज़ीव सिंह ने कहा कि आउटसोर्सिंग क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों से 12 से 13 घंटे तक काम लिया जा रहा है, जबकि श्रम कानूनों का समुचित पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी के कारण मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन मजदूरों के हक दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।कार्यक्रम का मंच संचालन जनता श्रमिक संघ के संयुक्त महामंत्री के. डी. पांडेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप सिन्हा ने किया। इस अवसर पर संयुक्त महामंत्री लक्की सिंह, केंद्रीय सचिव संजय यादव, केंद्रीय सचिव सत्येंद्र सिंह, केंद्रीय सचिव मुद्रिका पासवान सहित अन्य गणमान्य पदाधिकारी एवं सैकड़ों की संख्या में मजदूर भाई-बहन उपस्थित रहे।
Thenewspost - Jharkhand
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