पेसा नियमावली पर झारखंड में सियासी भूचाल ! सूर्य सिंह बेसरा ने फाड़ी नियमावली, सरकार पर लगाया गंभीर आरोप


रांची (RANCHI): झारखंड में पेसा कानून के तहत बनाई गई नई नियमावली को लेकर आदिवासी संगठनों और नेताओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने विधानसभा परिसर में पेसा नियमावली की कॉपी फाड़कर जोरदार विरोध दर्ज कराया. खास बात यह रही कि वे अपने साथ छत्तीसगढ़ की पेसा नियमावली की प्रति भी लेकर पहुंचे थे और दोनों की तुलना करते हुए झारखंड सरकार पर सवाल उठाए.
ग्राम प्रधानों की ताकत छीने जाने का आरोप
पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में लागू की जा रही नई पेसा नियमावली में ग्राम प्रधानों की शक्तियों को लगभग खत्म कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि इसके उलट पंचायत व्यवस्था को जरूरत से ज्यादा मजबूत किया गया है, जो पेसा कानून की मूल भावना के खिलाफ है.
आदिवासी समाज को कमजोर करने की साजिश: बेसरा
बेसरा ने कहा कि पेसा कानून का मकसद ग्राम सभा और पारंपरिक ग्राम प्रधानों को सशक्त बनाना था, लेकिन नई नियमावली ठीक इसके उलट काम कर रही है. उनका आरोप है कि सरकार आदिवासी स्वशासन की परंपरा को नजरअंदाज कर रही है और इससे आदिवासी समाज को कमजोर करने की कोशिश हो रही है.
सोमा मुंडा हत्याकांड पर बड़ा दावा
पूर्व विधायक ने पहाड़ा राजा सोमा मुंडा की हत्या को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ जमीन विवाद का नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक राजनीतिक साजिश है. बेसरा का दावा है कि सोमा मुंडा नई पेसा नियमावली के मुखर विरोधी थे और 54 गांवों के ग्राम प्रधानों को एकजुट कर इसके खिलाफ आंदोलन खड़ा कर रहे थे. इसी वजह से उनकी हत्या कराई गई.
सीबीआई जांच की मांग
सूर्य सिंह बेसरा ने सोमा मुंडा हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की. उन्होंने साफ कहा कि जब तक इस मामले की सच्चाई सामने नहीं आती और पेसा नियमावली में बदलाव नहीं किया जाता, तब तक उनका और उनके समर्थकों का विरोध जारी रहेगा. पेसा नियमावली को लेकर बढ़ता यह विरोध अब सियासी और सामाजिक दोनों स्तरों पर और तेज होता नजर आ रहा है.
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