हाय रे किस्मत! गढ़वा में हाथी ने पटकर ली बुजुर्ग महिला की जान, तो रोड के अभाव में परिजन कंधे पर लादकर ले गए शव


गढ़वा(GARHWA):पूर्वी सिंहभूम के बाद अब गढ़वा में भी हाथी का आतंक देखा जा रहा है, जहां जंगली हाथी ने एक महिला को पटक पटककर उसकी जान ले ली हैचिनीयां थाना मुख्यालय के चिरका गांव स्थित चारों तरफ जंगलों से घिरे आमाटोली में जंगली हाथियों के झुंड ने धावा बोलते हुए 50 वर्षीय गीता देवी की बेरहमी से पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया.मिली जानकारी के अनुसार, देर रात अचानक हाथियों का झुंड आमाटोली में घुस आया और प्रभु कोरवा का कच्चा घर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया.उस वक्त घर के अंदर प्रभु कोरवा और उनकी पत्नी गीता देवी सो रहे थे.
हाथी ने ली बुजुर्ग महिला की जान
घर गिरने की तेज आवाज से दोनों की नींद खुली. जान बचाने के लिए प्रभु कोरवा किसी तरह टूटे हुए घर को फांदकर बाहर निकलने में सफल रहे और बार-बार पत्नी को भी बाहर आने के लिए पुकारते रहे, लेकिन अफरा-तफरी और अंधेरे के बीच गीता देवी बाहर नहीं निकल सकीं.इसी दौरान हाथियों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और मौके पर ही कुचलकर उनकी दर्दनाक मौत हो गई.
घटना को लेकर लोगों में आक्रोश
सुबह घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और मामले की सूचना चिनीयां थाना व वन विभाग को दी गई. सूचना पर वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम चिरका डैम स्थित हाथी टावर तक तो पहुंची, लेकिन आमाटोली तक पहुंचने के लिए आज भी कोई सड़क नहीं होने के कारण टीम घटनास्थल तक नहीं जा सकी.
ग्रामीणों ने नाव के सहारे शव को नदी पार कराया
इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया.ग्रामीणों ने नाव के सहारे शव को नदी पार कराया, फिर करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर शव को चादर में लपेटकर अपने कंधों पर उठाते हुए चिरका डैम हाथी टावर तक पहुंचे. जहा चिनीयां थाना प्रभारी अमित कुमार सुबह से ही मौके पर डटे हुए थे और लगातार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे थे. लगभग सुबह 11:00 बजे ग्रामीणों के मनाने के बाद शव का पंचनामा किया गया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा भेजा गया.वही वन विभाग के अनिमेष कुमार द्वारा परिजन को मौके पर ही 50 हजार की नगद सहायता दी गई. साथ ही आश्वासन दिया गया कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गिरे हुए घर का मुआवजा और 3.5 लाख की अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जाएगी.
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