नक्सलियों की प्रेम कहानी: प्रेमिका के लिए बंदूक छोड़ना चाहता था एरिया कमांडर,  मगर मौत ने नहीं दिया मौका

    नक्सलियों की प्रेम कहानी: प्रेमिका के लिए बंदूक छोड़ना चाहता था एरिया कमांडर,  मगर मौत ने नहीं दिया मौका

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): बंदूक और बारूद की दुनिया में रहने वाले नक्सलियों की जिंदगी में भी प्रेम की कहानी छिपी होती है. ऐसी ही एक कहानी एरिया कमांडर नक्सली बुधराम मुंडा की सामने आई थी. बुधराम अपनी प्रेमिका के लिए नक्सली संगठन छोड़ना चाहता था. लेकिन मौत ने उसे यह मौका नहीं दिया. बुधराम ने अपनी प्रेमिका को पत्र लिख संगठन छोड़ने के लिए एक साल का समय मांगा था, लेकिन इससे पहले ही वह सुरक्षाबलों के हत्थे चढ़ गया. सुरक्षा बलों ने चाईबासा और खूंटी जिले की सीमा पर चलाए गए अभियान में बुधराम मुंडा को मार गिराया.
    वह हथियारों की दुनिया से बाहर निकलकर सामान्य जीवन जीने का सपना देख रहा था. बुधराम मुंडा लंबे समय से चाईबासा और खूंटी जिले के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था. वह कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहा, लेकिन प्यार ने उसकी सोच बदल दी थी. वह अपनी प्रेमिका से पत्र के माध्यम से ही बात करता था. उसके मारे जाने के बाद यह प्रेम कहानी चर्चा में आई थी. बंदूक के साए में जीने वाला नक्सली बुधराम प्रेमिका के लिए नई राह चुनना चाहता था. लेकिन उससे पहले ही उसकी जिंदगी का अंत हो गया और उसका प्यार अधूरा रह गया. 

    जेब में मिला था प्रेम पत्र
    23 मई 2024 को पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र के बलियाडीह और नवादा के जंगलों में बुधराम का एनकाउंटर हुआ था. जबकि उसके साथी नक्सली भाग निकले थे. बुधराम की जब तलाशी ली गई तो उसके जेब से एक प्रेम पत्र मिला था. यह प्रेम पत्र उसने अपनी प्रेमिका का नाम लिखी थी. इसमें बुधराम मुंडा ने अपनी प्रेमिका को शादी के लिए एक साल का समय मांगने की बात लिखी थी. प्रेम पत्र के कुछ पन्ने पुलिस के हाथ लगे थे. बुधराम और उसकी प्रेमिका पत्रों के माध्यम से एक-दूसरे से संपर्क में थे. लेकिन बुधराम के संगठन छोड़ने से पहले ही उसकी मौत हो गई और उसकी प्रेम कहानी का दुखद अंत हो गया. 

    गांव की युवती से था प्रेम
    बुधराम मुंडा खूंटी जिले के अडकी थाना क्षेत्र मेंभीचारिसुद हेमब्रम गांव का रहने वाला था. उसी गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग था. संगठन में जुड़ने से पहले ही उसका युवतीबसे प्रेम प्रसंग चल रहा था. संगठन में जुड़ने के बाद भी बुधराम अपनी प्रेमिका से पत्र के माध्यम से बात करता था. प्रेमिका ने शादी के लिए संगठन छोड़ने की शर्त रख दी. इस पर उसने अपनी प्रेमिका से एक साल का समय मांगा था. सूत्रों के अनुसार वह सरेंडर करने की योजना बना रहा था, लेकिन इससे पहले ही उसका एनकाउंटर हो गया. 

    कई घटनाओं में रहा शामिल
    बुधराम मुंडा पर सुरक्षा बलों पर गोलीबारी, आईईडी विस्फोट की साजिश रचने और पुलिस दल को निशाना बनाने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे. नक्सली संगठन से जुड़ने के बाद बुधराम का संपर्क कुख्यात नक्सली अमित मुंडा और वांछित उग्रवादी प्रभात मुंडा से हुआ. इसके बाद संगठन में उसकी भूमिका लगातार मजबूत होती गई. सक्रियता और कई घटनाओं में संलिप्तता के कारण वर्ष 2023 में उसे एरिया कमांडर बनाया गया था. बुधराम मुख्य रूप से खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला के ट्राई जंक्शन यानी त्रिकोणीय सीमावर्ती जंगलों में सक्रिय रहा. इन इलाकों में वह अपने दस्ते के साथ पुलिस और सुरक्षा बलों के खिलाफ गतिविधियों को अंजाम देता था. उसके खिलाफ कई मामलों में पुलिस लंबे समय से तलाश कर रही थी.

     



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