मिठाई नहीं जहर! गढ़वा में खेसारी दाल से बन रहे थे पीले लड्डू, ऐसे हुआ खुलासा

    मिठाई नहीं जहर! गढ़वा में खेसारी दाल से बन रहे थे पीले लड्डू, ऐसे हुआ खुलासा

    गढ़वा (GARHWA): जिले में मिलावटी मिठाइयों का एक बड़ा और चौंकाने वाला रैकेट सामने आया है. प्रशासन की छापेमारी में खुलासा हुआ कि लोगों को शुद्ध बेसन के नाम पर ऐसे लड्डू खिलाए जा रहे थे, जिनमें प्रतिबंधित और घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा था. इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अब प्रशासन मिलावटखोरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है.

    मामला तब सामने आया जब सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान रेहला रोड स्थित एक खेत में लंबे समय से चल रही अवैध बूंदी लड्डू फैक्ट्री पर अचानक छापा मारा. जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं. प्राथमिक जांच में पता चला कि जिन लड्डुओं को बेसन से तैयार बताकर बाजार में बेचा जा रहा था, उनमें असली बेसन का इस्तेमाल ही नहीं किया जा रहा था. फैक्ट्री संचालक ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह बाजार समिति से बेहद सस्ते दाम पर मिलने वाला तथाकथित “गुलकंद बेसन” खरीदता था. इस मिश्रण में प्रतिबंधित खेसारी दाल, खराब गुणवत्ता वाला मैदा और अरवा चावल का आटा मिलाया जाता था. बाद में उसमें पीला रंग डालकर उसे बेसन जैसा बनाया जाता था.

    छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में तैयार बूंदी, मिलावटी सामग्री और घटिया मैदा जब्त किया गया. इसके बाद प्रशासन ने फैक्ट्री संचालक की निशानदेही पर बाजार समिति स्थित दो थोक दुकानों में भी कार्रवाई की. अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस नकली सामग्री की सप्लाई कहां-कहां से हो रही थी और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं.जांच में यह भी सामने आया कि तैयार नकली लड्डुओं की सप्लाई गढ़वा बस स्टैंड के आसपास की दुकानों, होटलों, मेन बाजार के मिठाई दुकानों और ग्रामीण क्षेत्रों के हाट-बाजारों तक की जा रही थी. यहां तक कि रमकंडा इलाके तक भी इन मिलावटी मिठाइयों की सप्लाई पहुंच रही थी.

    एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि आरोपी पहले भी नकली मिठाई बेचने के मामले में कार्रवाई झेल चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह दोबारा इसी धंधे में शामिल पाया गया. ऐसे में अब उसे “आदतन अपराधी” मानते हुए सीसीए और अन्य धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि मिलावट के इस सिंडिकेट को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में ऐसे कारोबारियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा.



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