धनबाद(DHANBAD): बरवाअड्डा के जमीन कारोबारी राजकुमार साव की हत्या "कॉन्ट्रैक्ट किलिंग "है ,यह तो बात लगभग तय है. लेकिन 'किलर" कौन सा गैंग है, इसका खुलासा होना अभी बाकी है. हत्या करने का कॉन्ट्रैक्ट अमन सिंह गिरोह ने लिया था या वासेपुर गैंग ने, पुलिस जांच अभी इन्हीं दो बिंदुओं पर घूम रही है. वैसे पुलिस ने दो लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उन पर आरोप था कि उन्हीं लोगों ने रेकी की थी. 12 अप्रैल की दोपहर बरवा अड्डा के निरंकारी चौक पर जमीन कारोबारी राजकुमार साव और उसके साथी बीसीसीएल में काम करने वाले नरेंद्र यादव पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी. इस घटना में राजकुमार साव की मौत हो गई जबकि नरेंद्र यादव का इलाज चल रहा है.
हजारीबाग जेल में बंद मोनू सिंह को सबकुछ मालूम है
इस घटना की पूरी सच्चाई, हजारीबाग जेल में बंद मोनू सिंह को मालूम है. पुलिस भी यह मान रही है कि राजकुमार साव की हत्या "कांटेक्ट किलिंग" है. हजारीबाग जेल में बंद यूपी के शूटर अमन सिंह ने, हो सकता है कि सुपारी ली हो. संभावना जताई जा रही है कि हजारीबाग जेल में ही अमन सिंह के साथ बंद लोयाबाद का रहने वाला मोनू सिंह सुपारी दिलवाई हो. सुपारी किसने दिलवाई, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है. हालांकि पुलिस इस मामले में मोनू सिंह को आरोपी बना सकती है. अप्राथमिक अभियुक्त बना कर भी उसे इस केस में रिमांड किया सकता है. 22 अप्रैल को इस मामले में लोयाबाद के कुंदन पासवान और जोगता के चंदन महतो को पुलिस ने जेल भेजा है. दोनों पर आरोप है कि राजकुमार साव को धोखे में रखकर उसका लोकेशन लिया था.
जमीन खरीदार बन पहुंचे तीन शूटरों ने की थी घटना
जमीन खरीदार बनकर पहुंचे तीन शूटरो ने अंधाधुंध फायरिंग कर घटना को अंजाम दिया था. आशंका इस बात की भी व्यक्त की जा रही है कि हो सकता है 13 फरवरी को आउटसोर्सिंग के लाईजनर राजेश यादव पर फायरिंग करने वाले बोकारो और यूपी के अपराधी राजकुमार साव पर गोलियां चलाई हो. हालांकि सूत्र बताते हैं कि राजकुमार साव की हत्या मैं पुलिस का अनुसंधान वासेपुर के ओर भी घूम रहा है. पुलिस खुलकर बताने से परहेज कर रही है लेकिन राजकुमार की हत्या योजनाबद्ध ढंग से कॉन्ट्रैक्ट किलिंग ही है. यह पुलिस भी मानकर ही जांच को आगे बढ़ा रही है. हो सकता है कि पुलिस के पास सारे इंफॉर्मेशन हो और वह गिरफ्तारी का इंतजार कर रही हो.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
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