झारखंड में हिट एंड रन के नये कानून के खिलाफ आंदोलन से बढ़ी परेशानी, गाड़ियों के पहिए थमने से बढ़ सकते हैं फल-सब्जियों के दाम 

    झारखंड में हिट एंड रन के नये कानून के खिलाफ आंदोलन से बढ़ी परेशानी, गाड़ियों के पहिए थमने से बढ़ सकते हैं फल-सब्जियों के दाम 

    Tnp desk:- देशभर के ट्रक ड्राइवर हिट एंड रन मामले में केन्द्र सरकार के नये कानून प्रावधानों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर हैं. झारखंड में भी विभिन्न जिलों में इसका असर देखा गया. ट्रक,बस और दोपहिया वाहन के पहिए थम गये . गाड़ियां नहीं चलने का खामियाजा मुसाफिर तो भुगत ही रहें हैं. इसके साथ ही प्रदेश में पेट्रोल-डीजल, फल-सब्जी जैसी रोजमर्रा की बेहद जरूरी चीजें नहीं पहुंच रही हैं, जिसके चलते इन सभी के दाम बढ़ रहें हैं. 

    सामानों के स्पलाई नहीं होने से परेशानी 

    कही-कहीं पेट्रोल पंपों में लंबी-लंबी कातरे देखने को मिल रही है. हड़ताल के चलते फल,सब्जी, दूध , कृषि के सामानों की स्पलाई प्रभावित हो रही है. कई जगह प्रशासन ट्रांसपोर्टस से संपर्क कर आपूर्ति बहाल करवाने के लिए कोशिशें कर रहें हैं. आम आदमी की परेशानी काफी बढ़ती हुई दिखाई पड़ रही . अगर हड़ताल का सिलसिला ऐसी ही चलता रहा, तो फिर काफी मुश्किल और महंगाई लोगों को देखने को मिलेगी. 

    हिट एंड रन कानून में क्या बदलाव हुआ है 

    संसद से पारित नये कानून में भारतीय न्याय संहिता में हिट एंड रन के मामलों में ‘लापरवाही से मौत’ में विशेष प्रावधान किए गए हैं. इसके मुताबिक अगर चालक के तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने से मौत होती है और ड्राइवर पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दिए बिना भाग जाता है, तो 10 साल तक की कैद और 7 लाख रुपए जुर्माना होगा.

    अब तक क्या कानून है 

    अभी जो हिट एंड रन का जो कानून चल रहा था, इसके मुताबिक आईपीसी की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), ड्राइवर की पहचान के बाद 304ए (लापरवाही से मौत) और 338 (जान जोखिम में डालना) के तहत दर्ज किया जाता है. इसमें दो साल की सजा का प्रावधान है. वाहन चालक दुर्घटना के बाद भाग जाते थे.


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