टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड में सामने आए ट्रेजरी से जुड़े वेतन घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. इस मामले की तह तक जाने के लिए गठित हाई लेवल कमेटी ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. डॉ. अमिताभ कौशल की अगुवाई में बनी यह समिति 8 मई को बोकारो का दौरा करेगी, जहां वह जमीनी स्तर पर दस्तावेजों और तथ्यों की जांच करेगी.
हाल ही में समिति ने बोकारो के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. इस बैठक में जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि घोटाले से संबंधित ज्यादातर जरूरी दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं और जल्द ही समिति को सौंप दिए जाएंगे. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा.
कमेटी ने विशेष रूप से पिछले छह वर्षों, यानी 2018 से 2024 के बीच हुए वेतन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की मांग की है. इसके तहत वेतन मद में आवंटित राशि, वित्त विभाग द्वारा किए गए ऑडिट से जुड़े दस्तावेज, और पहले स्थानीय स्तर पर हुई जांच के निष्कर्ष शामिल हैं. इन दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कहां और कैसे वित्तीय गड़बड़ियां हुईं. प्रारंभिक जांच में ही फर्जी निकासी और अनियमितताओं के संकेत मिलने से मामला और गंभीर हो गया है. राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है, जिसके बाद वित्त विभाग और जांच एजेंसियां अधिक सक्रिय हो गई हैं.
समिति सभी दस्तावेजों का गहन विश्लेषण करने के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. इस रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना है. माना जा रहा है कि यह जांच झारखंड में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.

