जमशेदपुर)JAMSHEDPUR):जमशेदपुर की होनहार छात्रा शांभवी तिवारी ने ICSE 12वीं परीक्षा में देशभर में शीर्ष स्थान हासिल कर शहर और झारखंड का नाम रोशन किया है.सैक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर यह उपलब्धि अपने नाम की है.रिजल्ट घोषित होते ही परिवार, स्कूल और शहर में खुशी की लहर दौड़ गई.शांभवी की इस शानदार सफलता के पीछे उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है. उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई के साथ-साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी भी जारी रखी.अब उनका अगला लक्ष्य डॉक्टर बनना है.वह 3 मई को होने वाली नीट परीक्षा में शामिल होंगी.
100% अंक हासिल कर रचा इतिहास
शांभवी के पिता राकेश रमन ऑल इंडिया रेडियो में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव है, जबकि उनकी माता निभा सिन्हा एक स्कूल में पीजीटी केमिस्ट्री शिक्षिका है. परिवार का कहना है कि शांभवी बचपन से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही हैं और हमेशा अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहती है.परिजनों के अनुसार शांभवी नियमित रूप से प्रतिदिन करीब नौ घंटे पढ़ाई करती थी. स्कूल के दिनों में वह कक्षाएं समाप्त होने के बाद समयबद्ध तरीके से पढ़ाई करती थीं, जबकि छुट्टी के दिनों में सुबह से रात तक अपनी पढ़ाई का तय शेड्यूल फॉलो करती थी.बोर्ड परीक्षा और नीट की तैयारी को उन्होंने संतुलित ढंग से आगे बढ़ाया.
सफलता में सेल्फ स्टडी की अहम भूमिका
शांभवी की सफलता में सेल्फ स्टडी की अहम भूमिका रही.इसके साथ ही उन्होंने कोचिंग संस्थान से भी मार्गदर्शन लिया. परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी पढ़ाई का दबाव नहीं लिया, बल्कि इसे रुचि और लक्ष्य के साथ किया.राकेश रमन ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि हर छात्र को अपनी क्षमता पहचाननी चाहिए और जिस विषय में रुचि हो, उसी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए.आत्मविश्वास, अनुशासन और सोशल मीडिया से दूरी सफलता की कुंजी है.शांभवी तिवारी की यह उपलब्धि न सिर्फ जमशेदपुर बल्कि पूरे राज्य के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है.अब सबकी नजरें उनकी नीट परीक्षा और डॉक्टर बनने के सपने पर टिकी है.
रिपोर्ट-रंजीत ओझा

