IIT (ISM) धनबाद में ‘Inventive 2026’ की शुरुआत, ग्लोबल इनोवेशन हब बनने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम

    IT (ISM) ‘Inventive 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ, जो भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है. यह आयोजन ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के लिए एक नेशनल प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है,

    IIT (ISM) धनबाद में ‘Inventive 2026’ की शुरुआत, ग्लोबल इनोवेशन हब बनने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम

    धनबाद (DHANBAD): IIT (ISM) ‘Inventive 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ, जो भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है. यह आयोजन ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के लिए एक नेशनल प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है, जिसका लक्ष्य देश में विकसित रिसर्च को स्केलेबल और मार्केट-रेडी टेक्नोलॉजी में बदलना है.

    यह पहल आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप भारत को डीप-टेक इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. इसके जरिए ग्लोबल पार्टनरशिप, निवेश के अवसर और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है.

    कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि राज्यपाल  संतोष कुमार गंगवार ने किया. उनके साथ गेस्ट्स ऑफ ऑनर के रूप में अथर शाहाब (एमडी, जुआरी इंडस्ट्रीज), वैशाली निगम सिन्हा (को-फाउंडर, रिन्यू), संदीप कुमार (वीपी, टाटा स्टील) और डॉ. सुनील के. बर्नवाल (सीईओ, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी) उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने इनोवेशन-ड्रिवन ग्रोथ, सस्टेनेबिलिटी और एकेडेमिया-इंडस्ट्री कोलैबोरेशन के महत्व पर जोर दिया.

    राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह मंच भारत के इनोवेशन-ड्रिवन भविष्य को दिशा देने वाला साबित होगा. उन्होंने रिसर्च को समाज और उद्योग के उपयोगी समाधान में बदलने पर जोर देते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराया. उन्होंने बताया कि आज के दौर में इनोवेशन एक जरूरत बन चुका है, खासकर क्लीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.

    इस मौके पर एक हाई-लेवल राउंडटेबल भी आयोजित किया गया, जिसमें देश के प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों, इंडस्ट्री लीडर्स और निवेशकों ने हिस्सा लिया. इसमें टेक्नोलॉजी के व्यावसायीकरण, फंडिंग और इनोवेशन को बड़े स्तर पर ले जाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.

    इसके साथ ही दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया गया, जो क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रिसर्च को नई गति देंगे. पूरे आयोजन में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर और सस्टेनेबल माइनिंग जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया. राज्यपाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश के युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और भारत जल्द ही वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान और भी सशक्त करेगा.

    रिपोर्ट- नीरज कुमार

     


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