DHANBAD चासनाला में भाजपा और सिंह मेन्शन को एकसाथ मजदूरों ने घेरा,पहुंची रागिनी सिंह, जानिए फिर क्या हुआ


धनबाद(DHANBAD): धनबाद के चासनाला में शुक्रवार को सिंह मेन्शन और भाजपा के खिलाफ मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा. मजदूरों ने कहा कि जनता और मजदूर से नेता हैं, नेता से जनता और मजदूर नहीं है. सांसद पीएन सिंह को भी मजदूरों ने लगे हाथ नसीहत दे डाली. आपा से बाहर मजदूर एकजुट होकर नारेबाजी करने लगे. उन्होंने पाथरडीह के भाजपा नेता अभिषेक सिंह के खिलाफ जमकर भड़ास निकली. रागिनी सिंह और सिंह मेन्शन को भी निशाने पर लिया. मजदूर नारा लगा रहे थे कि जो मजदूरों के साथ नहीं रहेगा, वैसी यूनियनों की हमें जरूरत नहीं. मजदूरों का कहना था कि 2 साल से चास नाला अपर सीम की खदान बंद थी.
दो साल से बंद थी खदान ,चालू हुई तो शुरू हो गई नेतागिरी
मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंच गए थे. किसी तरह से लगातार कोशिश के बाद अपर सीम खदान चालू हुई. खदान चालू होने के बाद सबसे अधिक खुशी मजदूरों को हुई थी. लेकिन पाथरडीह के भाजपा नेता अभिषेक सिंह ने निजी स्वार्थ में शिकायत कर खदान को फिर से बंद करा दिया. शुक्रवार से फिर खदान बंद हो गई है. मजदूरों के आक्रोश की सूचना जब भाजपा नेत्री रागिनी सिंह को हुई तो वह भागी -भागी मजदूरों के बीच पहुंची. उन्होंने साफ कहा कि जो मजदूर भाई बहनो का हितैषी नहीं है, उसका वह हमेशा विरोध करती थी और आगे भी करती रहेगी.
मजदूरों के हक को मारने वालों के खिलाफ हमेशा थी और रहूंगी
रागिनी सिंह ने ऐलान किया कि मजदूरों के हक को मारने वालों के खिलाफ, चाहे वह मेरे परिवार के ही क्यों ना हो, मैं हमेशा खड़ी थी और खड़ी रहूंगी. उन्होंने आश्वस्त किया वह प्रयास करेंगी कि जल्द से जल्द खदान फिर से चालू हो जाये. आपको बता दें कि ढाई साल बाद जुलाई 2022 में खदान चालू हुई थी. जैसी कि सूचना है शिकायत मिलने के बाद ए एल सी धनबाद ने चासनाला की कोल माइनिंग डेवलपमेंट व स्वास्तिक माइनिंग ठेका कंपनी का लेबर लाइसेंस रद्द कर दिया है. जिस कारण शुक्रवार से पुनः खदान बंद हो गई है. इसकी सूचना मिलने पर शुक्रवार को मजदूर आक्रोशित हो गए और नेताओं को खूब खरी-खोटी सुनाई.
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