गुरुजी सिर्फ एक नेता नहीं थे बल्कि आदिवासी समाज की आवाज थे : स्टीफन मरांडी


पाकुड़ : झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पार्टी के संस्थापक और दिसोम गुरु शिबू सोरेन की पहली जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया . कार्यक्रम का आयोजन पाकुड़ स्थित झामुमो जिला कार्यालय में किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत गुरुजी शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई.
इस मौके पर महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, झामुमो जिला अध्यक्ष एजाजुल इस्लाम, पूर्व जिला अध्यक्ष श्याम यादव सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
नेताओं ने गुरुजी के संघर्ष, आदिवासी अस्मिता और सामाजिक न्याय के लिए किए गए कार्यों को याद किया और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया. इसके बाद झामुमो कार्यकर्ता सदर अस्पताल, पाकुड़ पहुंचे, जहां मरीजों के बीच फल और कंबल का वितरण किया गया.इस सेवा कार्य से मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिली. कार्यक्रम के अंतिम चरण में झामुमो कार्यकर्ता ब्लड बैंक पहुंचे जहां स्वेच्छा से उन्होंने रक्तदान किया।
इस मौके पर महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने कहा कि गुरुजी सिर्फ एक नेता नहीं थे बल्कि आदिवासी समाज की आवाज थे. उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया वह आज भी प्रेरणादायक है. उन्होंने कहा कि झामुमो कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है कि गुरुजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए. वहीं झामुमो जिला अध्यक्ष एजाजुल इस्लाम ने कहा कि दिसोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, समर्पण और सेवा की मिसाल है. पार्टी कार्यकर्ता उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है
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