वित्त मंत्री ने सभी सेक्टर को दी सौगात! सिविल इंजीनियर वेदान्त कौस्ताव ने कहा- इससे बढ़िया बजट अब तक नहीं आया

    वित्त मंत्री ने सभी सेक्टर को दी सौगात! सिविल इंजीनियर वेदान्त कौस्ताव ने कहा- इससे बढ़िया बजट अब तक नहीं आया

    टीएनपी डेस्क: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार 1 फरवरी को लोकसभा में बजट 2025 पेश किया गया. इस दौरान वित्त मंत्री द्वारा कई बड़ी-बड़ी घोषणाएं की गईं. मिडिल क्लास को ध्यान में रखते हुए आज का बजट पेश किया गया है. आज के बजट में टैक्स को लेकर एक बड़ी घोषणा की गई है. अब नई टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. सरकार की इस घोषणा को आयकर से जुड़े पिछले एक दशक में किए गए सबसे बड़े सुधारों में से एक माना जा रहा है. ऐसे में अब देश की जनता की नजर नये इनकम टैक्स बिल पर है, जिसे अगले हफ्ते लाने की घोषणा की गई है.

    वहीं, आज के बजट को लेकर हर कोई अपनी राय रख रहा है. कोई आज के बजट को सही बता रहा है तो कोई इसमें कमियां निकाल रहा है. ऐसे में सिविल इंजीनियर वेदान्त कौस्ताव ने आज के बजट पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि आज के बजट में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के साथ-साथ 6 जीवनरक्षक दवाओं को टैक्स फ़्री करने की घोषणा अहम है. इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट तीन लाख रुपये से 5 लाख रुपये बढ़ाने की घोषण और स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए 30 हज़ार रुपये का क्रेडिट कार्ड देने और इसे यूपीआई से जोड़ने की घोषणा भी महत्वपूर्ण है.

    वेदान्त कौस्ताव ने बताया कि मखाना बोर्ड के गठन होने की घोषणा की गई है. मखाना बोर्ड मखाना उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक में सहायता करेगा. सबसे ज्यादा मखाना का उत्पादन बिहार में ही होता है. जाहिर तौर पर इससे रोजगार की संभावना भी विकसित होगी. इसके अलावा बजट में किसानों के लिए पीएम धन धान्य योजना का ऐलान, दलित और आदिवासी महिलाओं को सशक्त करने के लिए नई स्कीम, युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास पर जोर, खाद्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर ज़ोर भी महत्वपूर्ण है.

    इसके अलावा नौजवानों के कौशल को बेहतर करने के लिए पांच नेशनल सेंटर स्थापित करने और यहां ग्लोबल विशेषज्ञों की मदद से कौशल के क्षेत्र में काम करने और भारतीय भाषा पुस्तक स्कीम की घोषणा के अच्छे परिणाम मिलेंगे. इसके जरिए भारतीय भाषा में डिजिटल तरीके से प्राथमिक और उच्च शिक्षा की किताबें उपबल्ध कराई जाएंगी. अगले पांच साल में आईआईटी और आईआईएससी में तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में काम करने के लिए 10 हजार फेलोशिप दी जाएगी. इसके जरिये सरकार का मकसद रिसर्च को बढ़ावा देने की घोषणा भी महत्वपूर्ण है. देश की अर्थव्यस्था सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. पिछले दस वर्षों में हमारे विकास कार्यों के ट्रैक रिकॉर्ड और ढांचागत सुधारों ने वैश्विक स्तर पर सभी का ध्यान खींचा है.

     


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