BIG UPDATE:ईडी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में!अवैध खनन मामले में 30 लोगों को समन! 17 जनवरी से शुरू होगी पूछताछ

    BIG UPDATE:ईडी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में!अवैध खनन मामले में 30 लोगों को समन! 17 जनवरी  से शुरू होगी पूछताछ

    रांची(RANCHI):  अवैध खनन(illegal mining) मामले में सूबे में ईडी(Enforcement Directorate) की ताबड़तोड़ कार्रवाई में आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है.सभी की दिन और रात ईडी के डर में गुजर रही है.अवैध खनन मामले में अब तक दर्जनों सलाखों के पीछे जा चुके है. लेकिन यह जांच हर दिन बढ़ती जा रही है.अब इस जांच की कड़ी को आगे बढ़ाने के लिए ईडी ने एक साथ 30 लोगों को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है. 17 जनवरी से यह पूछताछ शुरू हो होगी.  साफ है कि इसकी आंच अभी और भी लोगों तक पहुंचनी बाकी है.

    तीन जनवरी को रांची,साहिबगंज(SAHIBGANJ) और अन्य जगहों पर ईडी की दबिश देखी गई थी. इस छापेमारी(RAID) में साहिबगंज में कन्हैया खोदानीया नाम के शख्स के ठिकानों पर कई दस्तावेज ईडी को हाथ लगे थे. साथ ही 30 बैंक खाता मिला था. जिसके बाद ईडी को शक है कि अवैध खनन के पैसे को विभिन्न खाता(ACCOUNT) में ट्रांसफर किया जाता था. लेकिन अब ईडी इसका जवाब खुद बैंक खाता धारकों से निकालना चाह रही है. आखिर कन्हैया के पास बैंक का पासबूक क्यों दिया था.हलाकी ईडी ने छापेमारी के दिन ही सभी बैंक खातों को फ्रिज करने के लिए बैंक को पत्र लिखा था जिससे खाते से लेन देन ना हो सके.

    इससे पहले की बात करें तो साहिबगंज Dc, सीएम Hemant के प्रेस सलाहकार अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ पिंटू और सीएम के करीबी आर्किटेक विनोद सिंह को भी ईडी ने समन भेज कर पूछताछ के लिए बुलाया है. लें डीसी ईडी दफ्तर में हाजिर नहीं हुए है. अब 15 जनवरी को विनोद सिंह और सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक श्रीवास्तव को  16 जनवरी को ईडी दफ्तर तलब किया है. अब देखना होगा की क्या पिंटू और विनोद सिंह ईडी दफ्तर पहुंचते है या फिर समन को नजर अंदाज करेंगे.

    केन्द्रीय एजेंसी और राज्य सरकार के बीच तकरार भी देखी जा रही है. एक तरफ जमीन घोटाला मामला में सीएम को ईडी आठ समन भेज चुकी है. तो दूसरी ओर लगातार कई अधिकारी से भी ईडी दफ्तर में पूछताछ हो रही है. इसके बाद नौ जनवरी को हेमंत कैबिनेट से एक प्रस्ताव पास कर दिया गया. जिसमें यह है कि कोई भी केन्द्रीय एजेंसी किसी को समन भेज कर पूछताछ के लिए बुलाती है तो पहले विभाग को सूचना देना होगा. इसके बाद विभाग ही साफ करेगा की अधिकारी पूछताछ के लिए जाएंगे या नहीं.       



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