ED raid in Bengal: आई -पैक में छापेमारी पर क्यों मचा है कोलकत्ता से दिल्ली तक बवाल,क्या है फाइल सीक्रेट!


TNP DESK- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में गुरुवार को एक बड़ा घटनाक्रम हुआ. उसके खिलाफ शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर थी, तो तृणमूल के सांसद दिल्ली में धरना- प्रदर्शन कर रहे थे. दरअसल, गुरुवार को ईडी की छापेमारी के बीच ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहुंच गई और वहां से एक फाइल लेकर चली गई. इसके बाद से ही यह मामला और अधिक तूल पकड़ लिया है. ममता दीदी के आरोप पर भाजपा पलटवार कर रही है. दरअसल, ईडी ने राजनीतिक परामर्श फॉर्म आई -पैक के सह संस्थापक और निर्देशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की. ईडी के अधिकारियों ने प्रतीक जैन के ऑफिस के साथ-साथ कोलकाता स्थित उनके आवास पर भी रेड किया. यह फॉर्म ममता बनर्जी की पार्टी के लिए काम कर रही है.
कभी प्रशांत किशोर भी आई -पैक से जुड़े हुए थे
यह वही आई- पैक है, जिससे जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर जुड़े हुए थे. लेकिन अब उनका कोई संबंध नहीं है. गुरुवार सुबह ईडी की टीम आई- पैक से जुड़े दो ठिकानों पर रेड किया. करीब 12:00 बजे पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ आया, जब कोलकाता पुलिस कमिश्नर प्रतीक जैन के घर पहुंचे और कुछ समय बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर पहुंच गई. ममता बनर्जी वहां कुछ देर रुकी और जब बाहर निकली तो उनके हाथ में एक हरी रंग की फाइल दिखाई दी.
आई- पैक बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के लिए कर रही काम
आई- पैक वह संस्था है, जो बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है. ईडी ने ममता बनर्जी पर सबूत साथ ले जाने का आरोप लगाया है. आइये आपको बताते हैं कि कौन है प्रतीक जैन. प्रतीक जैन पेशे से इंजीनियर थे. बाद में वह राजनीतिक सलाहकार बन गए. कुछ लोगों के साथ मिलकर वह 10 साल पहले आई -पैक की स्थापना की. प्रतीक जैन आईआईटी मुंबई से मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग और मटेरियल साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. इधर, ईडी के मुताबिक इस मामले के तार कोयला चोरी से जुड़े है. जांच में सामने आया है कि हवाला ऑपरेटर की मदद से कोयला चोरी का पैसा आई पैक में लगा है. हालांकि ईडी की कार्रवाई के दौरान ममता बनर्जी कुछ इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी अपने पास ले लिए है.
ईडी के अनुसार यह छापेमारी अभियान सबूतों पर आधारित थी
ईडी के अनुसार यह छापेमारी अभियान सबूतों पर आधारित है. इसका मकसद किसी भी राजनीतिक दल को टारगेट करना नहीं है . पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई है और नहीं है रेड किसी भी चुनाव से संबंधित है. जांच के दौरान पता चला है कि अनुपम माजी के नेतृत्व वाला कोयला तस्कर गिरोह पश्चिम बंगाल के ईसीएल लीज होल्ड क्षेत्र से कोयला चुराकर अवैध रूप से विभिन्न जगह बेचा जाता था. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेज हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डाटा को जब्त करने का प्रयास कर रही था. उनका दावा है कि आईटी प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रतीक जैन के आवास और कार्यायलयों पर छापेमारी राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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