दिव्यांग राजेश को आखिरकार मिल ही गया न्याय, 77 दिनों बाद धरना खत्म कर दुमका हुए रवाना

    दिव्यांग राजेश को आखिरकार मिल ही गया न्याय, 77 दिनों बाद धरना खत्म कर दुमका हुए रवाना

    रांची(RANCHI): राजभवन के समक्ष पिछले 77 दिनों से धरना दे रहे दुमका के दिव्यांग शिक्षक राजेश कुमार को सिद्धू-कान्हो मुर्मू विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर विभाग में पढ़ाने की अनुमति मिल गई है. अब वो अपना धरना समाप्त कर  दुमका वापस जा रहे हैं. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर दिया है. दिव्यांग राजेश ने धरनास्थल को खाली कर दुमका के लिय कूच कर गए हैं. राजेश के चेहरे की खुशी देखते बन रही थी. सरकार, राज्यपाल और मीडिया को धन्यवाद देते हुए कहा है कि सभी ने भरपूर मदद करने की कोशिश की.

    योग्यता के आधार पर राजभवन से दिया गया था 1 लाख रुपया 

     The NEWS POST ने दिव्यांग की खबर को प्रमुखता से कई बार दिखाया था. बता दें कि राष्ट्रपति उम्मीद्वार द्रौपदी मुर्मू से भी मिल कर राजेश ने  अपनी समस्या साझा की थी. द्रौपदी मुर्मू ने केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा को देखने की बात कही थी.

    1वर्षों तक राजेश ने दी थी सेवा, नहीं मिला था मानदेय 

    बता दें कि राजेश करीब एक साल तक सिदो कान्हो मुर्मू विश्वविद्यालय में मौखिक आदेश के तहत एक शिक्षक के तौर पर पढ़ा रहे थे. लेकिन उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा था. मामले को लेकर उन्होंने राजभवन में शिकायत की थी. राजभवन की ओर से उन्हें एक लाख रुपया का भुगतान किया गया था. राजेश मानदेय भुगतान की मांग और दोबारा नौकरी में बहाल करने की मांग को लेकर करीब ढाई महीने से धरने पर थे.

    दो बार नेट क्वालिफाइड हैं, और इकोनॉमिक्स में कर रहे हैं पीएचडी 

    राजेश दुमका में इकोनॉमिक्स विभाग में पूर्व में क्लास लेते थे. 600 रुपए प्रति क्लास उन्हें मिलता था. इकोनॉमिक्स में स्नातकोत्तर हैं और नेट क्वालिफाइड हैं .सिद्धो-कान्हो मुर्मू विश्वविधालय में पीएचडी कर रहे हैं. भीषण गर्मी और बरसात के बाद भी अड़े रहे.आखिरकार 77वें दिन राजेश धरनास्थल से सोमवार को समाप्त करके मंगलवार को दुमका चले गए.


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