धनबाद की पुलिसिंग पर भारी पड़े चोर-उच्चके, आखिर घटनाओं का लगातार क्यों बढ़ रहा ग्राफ, जानिए
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धनबाद(DHANBAD): कोयलांचल में पुलिसिंग कमजोर तो नहीं हो गई है. अगर ऐसी बात नहीं होती तो चोर,उचक्के चांदी नहीं काटते. धनबाद में लगभग 100 दिनों में 77 से अधिक स्थानों पर चोरी की घटनाएं हुई है. यह घटनाएं फरवरी-मार्च अप्रैल और मई महीने की 8 तारीख तक हुई है. लोग बताते हैं कि कोयलांचल की पुलिसिंग कमजोर हो रही है तो चोरों के तरीके अपडेट हो रहे हैं. प्रायः हर एक मोहल्ले में चोरी करने वाले गैंग ने रेकी करने के लिए अपने आदमी छोड़ रखे हैं. जो यह पता लगाते हैं कि किन का घर बंद है और कौन-कौन लोग घर में ताला बंद कर बाहर गए हुए हैं. रेकी करने वालों में नशेड़िओं की संख्या अधिक होती है. चुकी नशेड़ी को रोज नशा करने के लिए कुछ राशि चाहिए. इसलिए भी यह काम आसानी से स्वीकार कर लेते हैं. और पकड़ आने का भी कोई खतरा नहीं होता है.
चेन छिनतई की घटना भी जोरों पर
एक तरफ चोर बंद घर और दुकान को निशाना बना रहे हैं तो दूसरी तरफ बाइकर्स गैंग महिलाओं की चेन छीन रहे हैं. आंकड़ों पर भरोसा करें तो हर एक-दो दिन बाद किसी न किसी महिला के गले से चेन छीनी जा रही है. बुजुर्ग महिलाओं की संख्या इसमें अधिक होती है. धनबाद में बीट पुलिसिंग और गश्त के नियमों में ढिलाई का फायदा अपराधी उठा रहे हैं. पुलिस रात में भी सड़क से गुजरने वालों से पूछताछ करने के बजाए साइकिल और बाइक से कोयला ढोने वालों से वसूली में व्यस्त रहती है. नियम तो यह भी है कि बड़े अधिकारी रात को निकलकर औचक जांच करें कि सिस्टम काम कर रहा है कि नहीं. लेकिन ऐसा होता नहीं है. इससे चोरों का मनोबल बढ़ता है. पेट्रोलिंग गाड़ियां भी रात हो या दिन, कहीं एक जगह खड़ी रहती हैं. फिर तो चोरों के लिए यह सब आसान हो जाता है.
जानिए कैसे हो रही घटनाएं
चोर केवल बंद घरों को ही निशाना नहीं बना रहे हैं, पूजा स्थल, शैक्षणिक संस्थान, कोलियरी कार्यालयों को भी निशाने पर ले रहे हैं. कुछ मामलों को छोड़ दिया जाए तो पुलिस घटनाओं के खुलासे में सफल नहीं हो रही है. अब तो यह कहा जा रहा है कि धनबाद में घर बंद कर कहीं जाना खतरे से खाली नहीं है. हर इलाके में चोरी करने वाले रेकी करने के लिए अपने आदमियों को तैनात कर रखा है. रेकी करने वाले दिन में या तो कचरा चुनने के बहाने अथवा किसी अन्य बहाने से मोहल्ले की रेकी करते हैं. उसके बाद घटनाओं को अंजाम देते हैं. चेन छीनने की घटनाएं तो लोगों को परेशान कर रखा है. जिन महिलाओं के गले से चेन उड़ाए जा रहे है, उन्हें या तो धक्का देकर गिरा दिया जा रहा है या फिर छीनने के क्रम में उनके गले को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. घटनाओं में अधिकतर पल्सर बाइक का इस्तेमाल किया जा रहा है. बाइक सवार तेजी से पहुंचते हैं और गले से चेन झपट कर आगे निकल जाते हैं. भुक्तभोगी पुलिस में मुकदमा दर्ज तो करवाते हैं लेकिन उन्हें चेन वापस मिलने का भरोसा नहीं के बराबर रहता है. ऐसे में जरूरी है कि धनबाद में पुलिसिंग व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाए, अन्यथा जिस तरह से घटनाएं बढ़ रही हैं उसी अनुपात में लोगों का डर भी बढ़ रहा है. पुलिस को जनता का भरोसा जीतने के लिए बहुत कुछ करने होंगे अब देखना है कि आगे आगे होता है क्या.
रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो
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