धनबाद निगम चुनाव: तो क्या पूर्व विधायक संजीव सिंह के पक्ष में झुकता दिख रहा परिणाम

    धनबाद निगम चुनाव:  तो क्या पूर्व विधायक संजीव सिंह के पक्ष में झुकता दिख रहा परिणाम

    धनबाद(DHANBAD) | धनबाद में मेयर चुनाव "2026  साधारण ढंग से नहीं लड़ा गया.  लड़ाई जबरदस्त रही,  राजनीति के हर संभव "तड़का" लगाने का प्रयास किया गया.  बागी उम्मीदवारों को नोटिस थमाया गया.  झामुमो  ने अपने एक उम्मीदवार का नाम वापस कराया।  शेखर अग्रवाल भाजपा छोड़कर झारखंड मुक्ति मोर्चा में गए.  झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह बागी बनाकर चुनाव में उतरे।  भाजपा ने संजीव अग्रवाल को अपना समर्थन दिया।  भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह धनबाद पहुंचे।  कई तरह के गुणा -भाग हुए.  छड़ी भी लहराई गई, समझाने  का प्रयास भी हुआ.  फिर भी कोई उम्मीदवार टस  से मस  नहीं हुआ.  पूर्व विधायक संजीव सिंह लगभग 8 साल से अधिक समय तक जेल में रहकर बाहर आये.  

    उन्हें एक राजनीतिक जमीन की तलाश थी.  मजदूर संगठन से तो वह जुड़े हुए हैं ही, लेकिन जेल से निकलने के बाद मेयर चुनाव का एक अवसर उनके सामने दिखा।  उन्होंने अपनी उम्मीदवारी ठोक दी और चुनाव में जुट गए.  प्रचार बढ़ता गया, तल्ख़  टिप्पणियां भी होने लगी.  भाजपा के सांसद ढुल्लू महतो  संजीव सिंह को निशाने पर लिया।  संजीव सिंह ने भी सांसद  को अप्रत्यक्ष रूप से "ब्लड प्रेशर" की दवा लेने की सलाह दे दी.   इस चुनाव में "ब्लड प्रेशर" की वर्ड रहा.  हालांकि अभी तक प्रथम चरण के वोटो की गिनती का आंकड़ा सामने आया है.  लेकिन प्रथम चरण में संजीव सिंह सबको पछाड़ते दिख रहे है. 

     उन्हें 15791 वोट मिले हैं, दूसरे स्थान पर शेखर अग्रवाल हैं जिन्हें 10524 वोट मिले हैं. भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजीव अग्रवाल को 8645 वोट मिले है.  इंदु देवी को 2084 वोट मिले है.  रुझान तो यही बता रहा है कि संजीव सिंह के पक्ष में चुनाव जा सकता है.  हालांकि अभी वोटो की गिनती बहुत बाकी है.   हालांकि अभी कुछ भी कहना बहुत जल्दवाजी  होगी, लेकिन समर्थकों का उत्साह चरम पर है.  देखना है आगे आगे होता है क्या----?



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