मांडू के जंगल में हाथी की मौत, जानिये झारखंड में अबतक कितनी कई गजराजों की जान


रामगढ़ (RAMGARH): बसंतपुर व डुमरबेड़ा जंगल के बीच एक बड़ा हाथी मरा पड़ा है, खबर चर्चा का विषय बन गई है. हालांकि मांडू वन क्षेत्र में पिछले एक महीना से हाथियों का एक झुंड निवास कर रहा था. इस कारण इस जंगल के रहने वाले लोगों को मालूम था कि यहां हाथी है. मगर हाथी की मौत कैसे हुई, इसा पता नहीं चल सका है, अभी तक वन विभाग के कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचे हैं, स्थानीय लोग जंगल में जाकर हाथी को देख रहे हैं और वीडियो फोटो भी बना रहे हैं. रामगढ़ जिले के मांडू थाना क्षेत्र का मामला है.
जानिये झारखंड के आंकड़े
झारखंड में हाथियों के कारण हर वर्ष ग्रामीणों को जान गंवानी पड़ती है. 2021 में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक गत 11 साल में लगभग 800 लोगों की मौत हाथियों के कारण हुई है. पिछले आठ साल में विभिन्न कारणों से 60 हाथियों की मौत हो चुकी है. पांच हाथियों को तस्करों ने मार डाला, ट्रेन दुर्घटना से चार हाथियों, बीमारी से पांच हाथियों और आठ हाथी की मौत विभिन्न हादसों में हुई. जबकि एक हाथी को वन विभाग के आदेश के बाद 2017-18 में मारा गया था. 14 हाथियों की अप्राकृतिक मौत हुई है. आठ हाथियों की मौत अधिक उम्र हो जाने के कारण हुई है.
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