प्रोजेक्ट ड्रग के तहत डालसा की अनूठी पहल, 9 लोगों की रेस्क्यू कर कराई गई काउंसलिंग


धनबाद(DHANBAD):राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार धनबाद द्वारा चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी अभियान 'प्रोजेक्ट डॉन' के तहत लोगों को नशा और उसके दुष्प्रभाव के विषय में जागरूक करने का काम लगातार किया जा रहा है.इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में, अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार मयंक तुषार टोपनो ने शुक्रवार को कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बाल कृष्ण तिवारी के निर्देश पर नशे में लिप्त लोगों व जनमानस के बीच जागरूकता कार्यक्रम चला रही है. डालसा का यह मानना है कि न्याय केवल अदालतों की चारदीवारी तक सीमित नहीं है.प्रोजेक्ट डॉन का मकसद उस अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है, जो गरीबी या अज्ञानता के कारण अपने अधिकारों से वंचित है. इन पांच दिनों में हमने दर्जनों लोगों को यह विश्वास दिलाया है कि डालसा हर कदम पर उनके साथ खड़ा है.
साक्षरता की एक नई अलख जगी है
उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए जिले में विधिक साक्षरता की एक नई अलख जगी है. इस पूरे मुहिम में जिला प्रशासन का भी अहम सहयोग मिला है. जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि 'प्रोजेक्ट डॉन' के तहत चिन्हित किए गए मामलों पर अब त्वरित कार्रवाई की जाएगी.डालसा द्वारा पिछले पांच दिनों में जिले के अलग-अलग हिस्सों को लक्षित कर विशेष गतिविधियां चलाई गई.अभियान की शुरुआत ग्रामीण क्षेत्र व मलिन बस्तियों से की गई. यहाँ पीएलवी और एलएडीसीएस की टीम ने नशा मुक्ति के प्रति लोगों को जागरूक किया.दूसरा दिन पूरी तरह महिलाओं को समर्पित रहा.
नशा के कारण घरेलू हिंसा को लेकर लोगों को किया जा रहा है जागरूक
नशा के कारण घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर शोषण से जुड़े कानूनों की जानकारी देने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाई गई.तीसरे दिन टीम ने धनबाद मंडल कारा का दौरा किया. यहाँ विचाराधीन कैदियों को प्रोजेक्ट डॉन के तहत मुफ्त कानूनी सहायता का आश्वासन दिया गया.साथ ही उन्हें नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई.चौथे दिन स्कूल, कॉलेज व एनसीसी कैडेट के बीच जाकर नशा के खिलाफ जागरूक करने के लिए सेमिनार आयोजित किए गए. पांचवे दिन भी स्कूल, कालेज, रेलवे प्लेटफार्म पर जागरूकता शिविर लगाई गई, नशा और उसके दुष्प्रभावों के विषय में लोगों को जानकारी दी गई. इस संबंध में संबंधित कानूनों के विषय में भी बताया गया,उन्होंने बताया कि इन पांच दिनों में हमलोगों ने कुल नौ ऐसे युवाओं की रेस्क्यू भी किया, जो नशे के लत में बुरी तरह से फंसे हुए थे उन्हें चिकित्सकों के द्वारा काउंसलिंग कराई गई और नशा से मुक्ति के लिए जरूरी दवाओं की भी व्यवस्था कराई गई है.अभी यह कार्यक्रम बारह जनवरी तक चलेगा.
रिपोर्ट-नीरज कुमार
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