मुख्यमंत्री की छवि पर कालिख पोत रहें कोयला चोर, पुलिस-प्रशासन, सीआईएसएफ के नाक के नीचे चल रहा खेल !


धनबाद (DHANBAD) : धनबाद कोयलांचल में कोयल का अवैध धंधा "राजनीति" के केंद्र में भी आ गया है. कोयले का अवैध उत्खनन और कोयला चोरी अब राजनीतिक दलों की जुबान पर है. विधायकों में भी एक-दूसरे के खिलाफ जुबानी जंग हो रही है. धनबाद में कोयल के अवैध धंधे से "राजनीतिक ताकत" मिलती है. इस वजह से गाहे -बेगाहे इसकी खूब चर्चा होती है. हाल के दिनों में बीसीसीएल के सीएमडी तक यह सार्वजनिक मंच से स्वीकार किया था कि कोयला चोरी धनबाद कोयलांचल के लिए कोढ़ है और इसे दूर करना होगा. इसके लिए बीसीसीएल में "सफाई" अभियान भी शुरू कर दिया गया है. बावजूद कोयले का अवैध धंधा डंके की चोट पर निर्वाध जारी है. कोयले का अवैध धंधा कमोबेश समूचे कोयलांचल में चल रहा है और यह सीआईएसएफ, पुलिस- प्रशासन के नाक के नीचे चल रहा है. छापेमारी होती है, कोयला बरामद होता है, एफआईआर होती है, फिर भी कोयला चोर अपना धंधा मंदा नहीं करते है.
सांसद के विधायक भाई और जयराम महतो में जुबानी जंग
झारखंड के चर्चित विधायक जयराम महतो और बाघमारा के भाजपा विधायक शत्रुघ्न महतो एक बार फिर इस मुद्दे पर आमने-सामने हो गए है. सोमवार को धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो के विधायक भाई शत्रुघ्न महतो, विधायक जयराम महतो पर तेज हमला बोला, जयराम महतो को कठघरे में खड़ा किया. दरअसल, बाघमारा के मधुबन वाशरी के लोडिंग पॉइंट पर जेएलकेएम के धरना के दौरान रविवार को डुमरी विधायक जयराम महतो ने धनबाद के सांसद और बाघमारा के विधायक के खिलाफ टिप्पणी की थी. उन्होंने सीआईएसएफ को खबरदार किया था कि ग्रामीणों को परेशान नहीं करे. अगर सीआईएसएफ कहे तो अवैध कोयले से लदे सैकड़ो हाईवा वह दिखा सकते है. मतलब उनका इशारा बाघमारा में कोयला चोरी की ओर था. इसके बाद सोमवार को विधायक शत्रुघ्न महतो ने पलटवार किया. बाघमारा विधायक ने कहा कि डुमरी की जनता विधायक जयराम महतो से नाखुश है. वहां की जनता पानी- बिजली के लिए तड़प रही है. विधायक जयराम महतो जनता का ध्यान भटकाने का काम कर रहे है.
बाघमारा विधायक का आरोप-डुमरी में क्यों नहीं कुछ दिखता ?
डुमरी में सेटिंग-गेटिंग से कोयला चोरी हो रही है. वहां विरोध करने की उनकी हिम्मत नहीं है. दूसरे विधानसभा क्षेत्र में आकर विधायक -सांसद के खिलाफ टीका टिप्पणी करना उचित नहीं है. आंदोलन की आड़ में विधायक जयराम महतो युवाओं को गलत रास्ते पर भटकाने का काम कर रहे है. आंदोलन को बेचने का काम कर रहे है. बाघमारा की जनता उनके झांसे में नहीं आने वाली नहीं है. विधायक शत्रुघ्न महतो ने यहां तक कह दिया कि कुछ दिन पहले जीटी रोड पर जयराम महतो ने अवैध कोयला को ट्रको को पकड़ा था. कहा था कि अवैध कोयला से लदे ट्रको को वह नहीं चलने देंगे,लेकिन बाद में सब कुछ सेटिंग गेटिंग की बदौलत सामान्य हो गया. इधर सूत्रों के अनुसार कोयला चोरी से परेशान बीसीसीएल मैनेजमेंट ने कोयला मंत्रालय को एक गोपनीय पत्र भेजा है. उस पत्र में कोयला चोरी के तरीके , सीआईएसएफ और पुलिस -प्रशासन की भूमिका सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो रही है.
कोयला चोरी की शिकायत कोयला मंत्रालय तक पहुंची
लेकिन सूत्र दावा कर रहे हैं कि धनबाद कोयलांचल में कोयला चोरी को कोयला मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है और उस पर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जा रही है. इधर, बीसीसीएल ने कोयला चोरी की शिकायत के बाद दो महाप्रबंधकों को कंपनी से बाहर स्थानांतरित कर दिया है, जबकि तीन महाप्रबंधक को नई जिम्मेवारी दी गई है. इसका असर आगे क्या होगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन कोयला चोरी धनबाद कोयलांचल में लाइलाज बीमारी बन गई है. कुछ दिन पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी धनबाद कोयलांचल के कई इलाकों में अवैध खनन होने की बात कही थी. उन्होंने कई स्थानों का भी नाम गिनाया था.
धनबाद में कोयला चोरों -तस्करों की चल रही समांनातर सरकार
खैर, इतना तो तय है कि कोयला के अवैध धंधे से बीसीसीएल मैनेजमेंट को भी चुनौती मिल रही है. बीसीसीएल के कोयल के खरीदार कम होने की एक वजह कोयला चोरी भी है. कोयले पर आधारित स्थानीय उद्योगों को बीसीसीएल की दर से कम रेट पर चोरी का कोयला उपलब्ध हो जा रहा है. नतीजा है कि बीसीसीएल के ई -ऑक्शन में वह भाग नहीं ले रहे, लेकिन उनका धंधा चल रहा है. अभी हाल ही में झारखंड सहित बंगाल के 40 जगह पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी हुई थी. इस छापेमारी में भी कई दस्तावेज की जब्ती हुई थी. ईडी की टीम को कुछ डायरी भी मिली थी, जिसमें लाभार्थियों के नाम दर्ज थे. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि धनबाद के कोयला चोर -तस्कर मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने में योजनाबद्ध तरीके से लगे हुए है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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