झारखंड में किसानों के 900 करोड़ ऋण माफ, हर कृषक को केसीसी से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध: CM

    झारखंड में किसानों के 900 करोड़ ऋण माफ, हर कृषक को केसीसी से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध: CM

    रांची (RANCHI): मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पलामू प्रमंडल स्तरीय बिरसा किसान सम्मान समारोह में आज शामिल हुए. कहा- झारखंड के लिए आज का दिन बेहद खास है. यह दिन बिरसा किसानों के नाम लिखा जाएगा. राज्य के कमोबेश सभी प्रखंडों में आज एक साथ समारोह का आयोजन कर बिरसा किसानों को सम्मानित किया जा रहा है. इन समारोह में 10 लाख से ज्यादा अन्नदाता शिरकत कर रहे हैं. इस अवसर पर लगभग एक लाख  किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जा रहा है. कृषि और किसान को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. अन्नदाता सशक्त और स्वावलंबी बने. किसानों की जिंदगी में आमूलचूल बदलाव आए. इसके लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की है. आप इन योजनाओं से जुड़े और खुद के साथ राज्य को उन्नति की राह पर ले जाने में योगदान दें. मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद झारखंड में पिछले 20 सालों में जहां किसानों का मात्र 400 करोड़ रुपए ऋण माफ हुआ.  वहीं, हमारी सरकार ने  किसानों के 900 करोड़ रुपए  के ऋण माफी की स्वीकृति प्रदान कर दी है. इतना ही नहीं, जिन किसानों का ऋण माफ किया गया है, उन्हें फिर से केसीसी का लाभ देने का काम किया जा रहा है.

     

    मौके पर  महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्री जोबा मांझी,  कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल,  विधायक वैद्यनाथ राम और रामचंद्र सिंह,  मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, कृषि सचिव अबु  बकर सिद्दीक, पलामू प्रमंडल के आयुक्त, डीआईजी और मेदिनीनगर, गढ़वा और लातेहार के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारी इस समारोह में मौजूद थे.

    5 माह में केसीसी के तहत 1313 करोड़ रुपए की स्वीकृति

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा किसानों की आय को दोगुना करने हेतु सरकार कृत संकल्प है. सरकार कृषि उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है. कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों, नवाचार और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है. इस कड़ी में किसानों को पूंजी की किल्लत नहीं हो, इसके लिए पिछले 5 महीने में ही केसीसी के तहत 1313 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है. जिससे 1लाख 25 हज़ार किसानों को फायदा पहुंचा है.

    किसानों के मान सम्मान से बड़ा कुछ भी नहीं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की ग्रामीण पृष्ठभूमि खेती और पशुपालन है. यह यहां के ग्रामीणों का आर्थिक आधार है. अन्नदाता के बिना जिंदगी की बात करना भी बेमानी होगी. ऐसे में हमारा फर्ज बनता है कि हम अपने अन्नदाताओं को पूरा मान सम्मान दें. उनके आशीर्वाद से ही आगे बढ़ने का राह प्रशस्त होगा.  हमारी सरकार किसानों को मान-सम्मान के साथ आगे बढ़ने के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसानों में इतनी ऊर्जा, ताकत और क्षमता होती है कि वे अपने दम पर व्यवस्था को बदल सकते हैं। किसान किसी के मोहताज नहीं होते हैं। हमारा दायित्व है कि किसानों को उनका हक और अधिकार दें. यही वजह है कि हमारी सरकार किसानों के हित में 24 घंटे सातों दिन कार्य कर रही है।

    महंगाई बढ़ रही है,  लेकिन किसानों को नहीं हो रहा लाभ

    मुख्यमंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा कि अनाजों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. लेकिन, लेकिन इन अनाजों को जो अपनी मेहनत से उपजा रहे हैं, उन्हें उसका लाभ नहीं मिल रहा है. इससे किसानों को आखिर हम कैसे सशक्त बना सकते हैं. उनकी आमदनी कैसे  बढ़ा सकते हैं. हमें इस बात पर विशेष गौर करने की जरूरत है, ताकि किसानों को उनको मेहनत के अनुरूप उसका फायदा दिला सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के लिए किसानों के पास पूंजी का अभाव नहीं हो. इसके लिए केसीसी के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहायता दी जा रही है. समय पर किसानों को खाद और बीज मिले, इसे सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए कई लोगों ने अपनी कुर्बानियां दी,  लेकिन उसका लाभ उन्हें नहीं मिल सका. आज भी रोजी -रोजगार के लिए लोगों का पलायन जारी है। हमारी सरकार ने यहां के युवा वर्ग को अपने ही गांव और घर में रोजगार देने के लिए कई योजनाएं शुरू की है और इसका वे लाभ भी उठा रहे हैं.

     

     


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news