दो दिन बाद है छठ महापर्व, लेकिन अब तक नहीं हुई नदी घाटों की सफाई, पढ़ें आखिर क्यों  गुमला जिला प्रशासन है उदासीन

    दो दिन बाद है छठ महापर्व, लेकिन अब तक नहीं हुई नदी घाटों की सफाई, पढ़ें आखिर क्यों  गुमला जिला प्रशासन है उदासीन

    गुमला(GUMLA): गुमला जिला में छठ घाटों की सफाई को लेकर इस बार भी प्रशासनिक लापरवाही देखने को मिल रही है. जिला मुख्यालय में चार छठ घाट है, जहां लोगों द्वारा छठ के दौरान अर्घ दिया जाता है,लेकिन छठ के अर्घ को महज दो दिन बचा हुआ है, लेकिन बावजूद इसके छठ घाट की सफाई को लेकर प्रशासनिक उदासीनता नजर आ रही है.

    हर बार की तरह मजदूरों पर है जिम्मेवारी

    आपको बताये कि प्रशासनिक पदाधिकारी छठ को लेकर बैठक भी करते हैं, लेकिन कोई जमीनी स्तर पर काम देखने को नहीं मिल रहा है. हर बार की तरह उन्हीं मजदूरों पर जिम्मेवारी दी गयी है, जो पूरे शहर की साफ सफाई करते हैं, प्रशासन को चाहिए था कि अतिरिक्त मजदूरों की व्यवस्था करें, ताकि साफ सफाई बेहतर तरीके से हो पाये, लेकिन ऐसा कुछ होता हुआ नजर नहीं आ रहा है.

    महापर्व में साफ सफाई का अधिक महत्व होता है

    छठ के दौरान नदी किनारे व्रतियों की ओर से सूर्य भगवान की पूजा की जाती है. जहां हजारों लोगों की भीड़ जुटती है. इस महापर्व में साफ सफाई का अधिक महत्व होता है, लेकिन गुमला जिला प्रशासन को इससे कोई मतलब नहीं है. गुमला जिले को छोड़कर बाकि झारखंड के जिलों में प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को छठ के दौरान सुविधा देने के लिए तैयारी की जा रही है.

    रिपोर्ट-सुशील कुमार


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