छात्रा चारु की मौत का मामला : कम से कम 11 बिन्दुओं पर सीआईडी को जांच का निर्देश ,जानिए पूरा डिटेल्स 

    छात्रा चारु की मौत का मामला : कम से कम 11 बिन्दुओं पर सीआईडी को जांच का निर्देश ,जानिए पूरा डिटेल्स 

    धनबाद(DHANBAD) अपराधियों पर धनबाद पुलिस की हनक तो कमजोर हो ही रही है, अनुसंधान को लेकर भी धनबाद पुलिस निशाने पर है. 15 फरवरी को अपार्टमेंट की छत से गिरकर मरी कार्मेल स्कूल की छात्रा के संबंध में पुलिस के हाथ खाली है. प्रथम दृष्टया चारु की मौत का मामला लोग संदेहास्पद बताते  है, पुलिस ने  इसकी जांच- पड़ताल भी की. लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची. जबकि बच्ची के पिता चंदन कुमार ठाकुर ने इस मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है. अब इस मामले की जांच सीआईडी शुरू करने वाली है. बताया जाता है कि सीआईडी रांची के एसपी ने बोकारो सीआईडी के डीएसपी से 11 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है.  जारी पत्र में डीएसपी को आदेश दिया गया है कि  मामले की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन दे. 

    डिटेल्स जाँच की उठ रही है मांग 

    छात्रा के पिता ने सीआईडी को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की थी.  इसके पहले धनबाद जिला पुलिस की ओर से मामले की सीआईडी जांच की अनुशंसा की गई थी.  धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा ने भी जांच की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से मिल चुके है. पता चला है कि सीआईडी को जांच के बिंदुओं का निर्देशन कर दिया गया है. सीआईडी को जांच करनी है कि नामजद प्राथमिकी के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई, सीसीटीवी फुटेज में घटना के 2 दिन पहले ट्रिनिटी गार्डन कैंपस में  छात्रा चारु से उलझ रहे अनजान युवक कौन थे, घटना के बाद कमल कटेसरिया स्कूल के बुलेट कैमरे का फुटेज देखने का भी  निर्देश दिया गया है.  छात्रा जहां गिरी, वहां से 30- 40 फ़ीट  की दूरी पर उसका जूता कैसे मिला. 

    सवाल -लगभग एक महीने बाद कानबाली कैसे मिली 
     
    लगभग महीने बाद छात्रा के कान  से गिरने वाली उसकी कान बाली जहां मिली है, वहां किसने रखी या कैसे पहुंची. घटना के कुछ दिन पहले एक आरोपी रात को उसके घर पर क्यों आया था, छात्र गिरी, उस समय मौजूद बाहरी लोग  अपार्टमेंट में क्या कर रहे थे.  धनबाद  पुलिस भले ही सीआईडी से जांच की बात पर अपना पल्ला झाड़ रही है ,लेकिन आज नहीं तो कल धनबाद पुलिस और जांच अधिकारी को उठाए जा रहे प्रश्नों उत्तर देने पड़ सकते है. छात्रा के परिजन इसे आत्महत्या, हादसा मानने को तैयार नहीं है.  उनका कहना है कि बच्ची की हत्या की गई है और वह न्याय पाने के लिए किसी भी स्तर तक जा सकते है.  जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते है.  देखना है जांच के बाद क्या मामला सामने आता है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  


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