झारखंड में भाजपा हमलावर तो झामुमो भी पीछे नहीं, जानिए इसका संदर्भ

    झारखंड में भाजपा हमलावर तो झामुमो भी पीछे नहीं, जानिए इसका संदर्भ

    धनबाद (DHANBAD) : सोमवार को  सिमडेगा में खतियान जोहार यात्रा में मुख्यमंत्री ने जहां भाजपा पर तीखा हमला बोला, वहीं देवघर में भाजपा की दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला. सिमडेगा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि एक लाख 36 करोड़  रुपए केंद्र सरकार ने झारखंड का अपने पास रखे हुए हैं. जब हम अपने पैसे की मांग करते हैं तो हमारे पीछे सीबीआई भेज देती है. गरीबों को घर देना है लेकिन केंद्र सरकार राशि स्वीकृत नहीं कर रही है. अगर केंद्र सरकार राशि नहीं देगी तो उसका भी रास्ता निकाला जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब गुरुजी ने राज्य अलग करने के लिए बिगुल फूंका तो यही विपक्ष हमारा मजाक उड़ाते थे. लेकिन यह राज्य आखिरकार बन गया. हजारों लोगों ने शहादत दी. 40 साल के संघर्ष के बाद यह राज्य हमें मिला, जब राज्य मिला तो विपक्ष कहता था कि इनकी सरकार नहीं बनेगी. 20 सालों तक इन्होंने ही  राज किया और हमें चिड़ाते रहे. 2019 में हमने कमर कसी और जनता के आशीर्वाद से इन्हें उखाड़ कर फेंक दिया ,उसके बाद सरकार को अस्थिर करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी को भी निशाने पर लिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों बाहरी लोगों के एजेंट के रुप में झारखंड में काम कर रहे हैं. विपक्ष लगातार राज्य की जनता को भ्रमित करने का काम कर रहा है.

    भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा ने राज्य सरकार को घेरा

    वहीं देवघर में भाजपा की दो दिवसीय कार्यसमिति सोमवार को शुरू हुई. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा ने राज्य सरकार को घेरा. विधि व्यवस्था से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में राज्य सरकार को विफल बताया. इसके साथ ही नियोजन नीति, स्थानीय नीति और उत्पाद नीति को भ्रामक बताया .ऐलान किया कि आने वाले दिनों में भाजपा सरकार के खिलाफ सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेगी. यह भी कहा गया  कि राज्य सरकार लूट, झूठ और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए जोहार यात्रा कर रही है. कुल मिलाकर झारखंड में आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी से ही शुरू हो गया है. भाजपा जहां हमलावर है, वही झारखंड मुक्ति मोर्चा भी तनिक  पीछे नहीं है. भाजपा कार्यसमिति की बैठक पहले धनबाद में प्रस्तावित थी लेकिन इसे देवघर में शिफ्ट किया गया. देवघर में क्यों किया गया, इसका उत्तर बहुत साफ है. भाजपा संथाल परगना को साधना चाहती है, वह जानती है कि संथाल परगना को साधे बिना झारखंड में  वापसी संभव नहीं है. इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी खतियानी जोहार यात्रा शुरू कर भाजपा की हर योजना का पुरजोर काट कर रहे है.  जैसे-जैसे 2024 का चुनाव नजदीक आएगा, आरोप-प्रत्यारोप का दौर और अधिक बढ़ेगा, ऐसा राजनीतिक पंडित मानते हैं.

    रिपोर्ट : सत्यभूषण सिंह, धनबाद


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news