बिहार : राजद की कमान अब लालू प्रसाद के हाथ से फिसलेगी ,तेजस्वी यादव के हाथ क्यों  होगी बागडोर !!

    बिहार : राजद की कमान अब लालू प्रसाद के हाथ से फिसलेगी ,तेजस्वी यादव के हाथ क्यों  होगी बागडोर !!

    धनबाद(DHANBAD) |  विदेश यात्रा से लौटने  के बाद राजद  नेता और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक्टिव मोड  में हैं.  भरोसे मंद सूत्रों के अनुसार लालू प्रसाद की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल की बागडोर अब बहुत जल्द तेजस्वी यादव को मिलने वाली है.  सूत्रों के अनुसार तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है.  लालू प्रसाद यादव फिलहाल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.  बताया जाता है कि 25 जनवरी को इसकी घोषणा कर दी जाएगी।  2025 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल सहित महागठबंधन के सहयोगी दलों का लगभग सुपड़ा साफ हो गया है. 

     महागठबंधन में भी दरार की खबरें आ रही हैं.  कांग्रेस भी महागठबंधन से अलग राह पकड़ती  दिख रही है.  वैसे, राजद  अभी संकट के दौर से गुजर रहा है.  लालू प्रसाद यादव के परिवार में विवाद भी चल रहा है.  लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और घर से बेदखल  कर दिया गया है.  तो चुनाव में हार  के बाद तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लगातार तेजस्वी यादव पर हमला बोल रही है. नाम तो नहीं ले रही हैं.लेकिन ईशारो -ई शारो में हमला बोल रही हैं. 

    रोहिणी आचार्य ने पोस्ट किया था कि - बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं . 

    हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर "अपने" ही आमादा हो जाते हैं . 

    उन्होंने एक दूसरा पोस्ट भी डाला था. कहा था कि --जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है ..तब "विनाशक" ही आँख - नाक और कान बन बुद्धि - विवेक हर लेता है ..

    एक अन्य पोस्ट में कहा था कि -- समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी 'खुद' आत्म - मंथन ' करने और जिम्मेदारी लेने की है , 'अपने' इर्द - गिर्द कब्ज़ा जमाए बैठे चिन्हित 'गिद्धों' को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी.
    बाकी तो ये जो पब्लिक है न , वो सब जानती - समझती ही है ..

    मतलब साफ़ है कि विवाद घटने के बजाय बढ़ रहा है. उल्लेखनीय है कि  लालू प्रसाद यादव 2026 में दही -चूड़ा  भोज नहीं किया।  उनकी तर्ज पर उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने दही -चूड़ा  भोज का आयोजन किया।  जिसमें सभी दल के नेताओं को आमंत्रित किया गया.  घर जाकर भाई और मां  सहित पिता को भी निमंत्रण दिया। दही -चूड़ा  भोज में उनके पिता लालू प्रसाद तो पहुंचे लेकिन बाकी लोग कहीं नहीं दिखे। इसको भी पारिवारिक विवाद से जोड़कर देखा गया. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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