धनबाद(DHANBAD):बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के ताजपोशी की रूपरेखा तय कर ली गई है. भाजपा के किसी नेता के नेतृत्व में ही एनडीए सरकार का गठन होगा. एनडीए विधायक दल का नया नेता अपने नाम पर मुहर लगने के बाद राज्यपाल के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगा अथवा करेगी. पहले जदयू के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोपहर 2:00 बजे सीएम आवास पर जदयू विधायक दल की बैठक करेंगे. इस बैठक में नीतीश कुमार की जगह पार्टी किसी नए नेता को चुनेगी, क्योंकि वह तो अब सांसद बन गए हैं.
मंगलवार चार बजे तय हो जाएगा नए नेता का नाम
3:00 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक होगी. इसमें नया नेता चुना जाता है या फिर पुराने को ही सीएम पद पर प्रमोट किया जाता है,इसके लिए इंतजार करना होगा. भाजपा के पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे और नेता के नाम की घोषणा करेंगें. जदयू और भाजपा के विधायक दल की बैठक के बाद 4:00 बजे एनडीए विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री का चयन होगा। यानी नया मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका नाम कल अपराह्न में तय हो जाएगा.
मुख्यमंत्री की रेस में चल रहे भाजपा नेताओं की सांसे तेज
हालांकि मुख्यमंत्री की रेस में चल रहे भाजपा नेताओं की सांसे तेज हो गई हैं. जिनका नाम चल रहा है, उनमे से कोई मुख्यमंत्री बनेगा या शिवराज सिंह चौहान की पर्ची से कोई नया नाम निकलेगा, यह देखने वाली बात होगी. बताया जाता है कि शपथ ग्रहण को लेकर 15 अप्रैल की तारीख तय हो गई है. इधर, बिहार में नई सरकार बनने के पहले ही प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं. प्रशांत किशोर ने कहा है कि कोई भी मुख्यमंत्री बने, लेकिन "रिमोट कंट्रोल" अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में होगा. सरकार की प्राथमिकता बिहार की जनता की भलाई करना नहीं बल्कि गुजरात की फैक्ट्री के लिए मजदूर का जुगाड़ करना होगा. प्रशांत किशोर का दावा है कि नई सरकार बिहार से बेरोजगारी , पलायन, शिक्षा ,स्वास्थ्य जैसी समस्याओं को दूर नहीं कर पाएगी.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
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