Bihar Rajyasabha Politics: फंस सकती है उपेंद्र कुशवाहा की सीट तो क्यों चिराग पासवान की मां को मिलेगा मौका!

    Bihar Rajyasabha Politics: फंस सकती है उपेंद्र कुशवाहा की सीट तो क्यों चिराग पासवान की मां को मिलेगा मौका!

    TNP DESK- बिहार से अगले साल राज्यसभा के सांसदों का खत्म हो रहे कार्यकाल को लेकर दिलचस्प लड़ाई छिड़ गई है.  राजद  वाले तो चुप है, क्योंकि उनके पास संख्या बल का संकट है.  तो इधर, उपेंद्र कुशवाहा की सीट भी फंस सकती है.  अगर लोजपा (रामविलास) को एक सीट मिलती है, तो चिराग पासवान की मां का  राज्यसभा में जाना तय  माना जा रहा है.  भाजपा अपने कोटे के उम्मीदवारों को रिपीट कर सकती है, जिसमें एक नाम हरिवंश का लिया जा रहा है. इधर , केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी खतरा देख  एक अलग राग अलापना शुरू कर दिया है.  वह राज्यसभा सीट के लिए पुराने आश्वासनो  को ताजा करते हुए आंखें तरेरना  शुरू कर दिया  है.  उन्होंने अपने पुत्र और बिहार के मंत्री डॉ संतोष सुमन को कह दिया है कि अगर राज्यसभा की सीट नहीं मिल रही है, तो मंत्री पद को छोड़ दीजिये. 

    आखिर क्यों अलग राग अलाप रहे जीतन राम मांझी ,समझिये 
     
    यह बात उन्होंने रविवार को  नवनिर्वाचित विधायकों के अभिनंदन समारोह में कही.  अपने पुत्र को कहा कि तुम छोड़ दो, मंत्री पद का मोह.  राज्यसभा सीट बट गई है, राज्यसभा की दो सीट बीजेपी और दो सीट जदयू को मिल गई है.  एक सीट लोजपा को मिली है.  "हम" पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली है, जबकि भाजपा के बाद "हम" पार्टी का ही वोटिंग प्रतिशत मजबूत है.  बावजूद "हम" पार्टी को वंचित रखा गया है.  उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से कहा कि आपको देश की राजनीति करनी है.  मजबूती से काम  कीजिये.  अगर पार्टी मजबूत हो जाएगी, तो हम कई मंत्री बना लेंगे.  कहा कि बेटे के पीछे जीतन राम मांझी  खड़ा है.  उन्होंने कहा की मांग छोटी  नहीं होनी चाहिए, भाजपा के बाद स्कोरिंग में आपकी पार्टी आगे है.  आपकी तैयारी 100 सीट  की होनी चाहिए. 

    2026 में  किनकी पांच सीट होने वाली है खाली और क्या बैठ रहा गणित 
     
    उल्लेखनीय है कि  2026 में पांच राज्यसभा सदस्यों के कार्यकाल पूरे होने है. इनमें राजद के प्रेम चंद गुप्ता और एडी सिंह हैं, जिनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा.  जनता दल यूनाइटेड के दो राज्यसभा सदस्यों के भी कार्यकाल पूरे होने है.  इनमें राज्यसभा के सभापति हरिवंश  और रामनाथ ठाकुर शामिल है.  पांचवीं सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की है, जो खाली होगी.  बिहार विधानसभा में 202 विधायक एनडीए  के हैं,  41 विधायक अन्य दलों के है.  राज्य सभा में पांच सीटों पर भेजने का गणित यह है कि 48 विधायक एक राज्यसभा सदस्य को चुन सकते है.  चार राज्यसभा सदस्य बनाने में कुल 192 विधायक का योगदान हो सकता है.   पांचवीं सीट के लिए अन्य दलों के विधायकों का सहयोग लेना पड़ेगा. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news