झारखंड के +2 स्कूलों में कई विषयों के शिक्षक ही नहीं, जानिये एक माह से धरनारत शिक्षक प्रतिभागी संघ का क्या कर रहा प्रयास

    झारखंड के +2 स्कूलों में कई विषयों के शिक्षक ही नहीं, जानिये एक माह से धरनारत शिक्षक प्रतिभागी संघ का क्या कर रहा प्रयास

    रांची(RANCHI): सरकारी 10+2 विद्यालयों में राजनीति विज्ञान,  समाजशास्त्र,जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा, दर्शनाशास्त्र, मानव शास्त्र आदि महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों के पद खाली हैं. इसे भरे जाने की मांग को लेकर झारखंड +2 शिक्षक प्रतिभागी संघ का राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना 22 जून से जारी है.

    सीएम और शिक्षा मंत्री को सौंप चुके हैं ज्ञापन

    संघ की मांगों का समर्थन करने आज भारतीय जनतंत्र मोर्चा के अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी राजभवन पहुंचे. धरना दे रहे प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के शिक्षा मंत्री  जगरनाथ महतो संघ की मांगो को गंभीरतापूर्व लें और संघ के मांगो को जल्द पूरा करें. उन्होंने बताया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ा झोल है, प्लस टू के नीचे दसवीं तक शिक्षक है और प्लस टू के ऊपर बीए, एम ए में शिक्षक हैं, लेकिन बीच में इंटरमीडिएट में बच्चे हैं और शिक्षको की संख्या शून्य है. कहा कि हम संघ की मांगो को लेकर शिक्षा मंत्री से बात करेंगे. झारखंड +2 शिक्षक प्रतिभागी संघ ने विधायक सरयू राय और पेयजल एवं स्वास्थ्य मंत्री मिथलेश कुमार ठाकुर, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, विधायक प्रदीप यादव, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को अपनी मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा है.

    धरनारत शिक्षक प्रतिभागी संघ का क्या है कहना

    राजनीति विज्ञान के ऐश्वर्य कुमार रंजन ने आगे कहा कि जब राज्य में शिक्षकों की संख्या नगण्य है, फिर ऐसे में कौन छात्रों की कॉपी की जांच कर रहा है, जिसमे 97 प्रतिशत रिजल्ट जारी कर दिया जा रहा है. यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है जो कहीं से भी उचित नहीं है. संघ का कहना है कि अनिश्चितकालीन धरना दे रहे शिक्षक संघ से आज तक ना तो कोई शिक्षा मंत्री का प्रतिनिधि मिलकर बात करने आया, ना ही राज्य सरकार की तरफ से किसी ने यह पहल करने की जरूरत समझी. संघ का कहना है कि प्रतिवर्ष इन कक्षाओं में 337507 छात्र दाखिला लेते हैं, जिसमें शिक्षकों की संख्या शून्य है. 

    कोर्ट ने छह माह में बहाली का दिया था निर्देश

    ज्ञात हो झारखंड उच्च न्यायालय डब्ल्यू,पी पी, आई, एल, नंबर 3547/2016 अजय कुमार चौधरी बनाम राज्य सरकार ने इस विषय की आवश्यकता को देखते हुए अपना निर्णय देते हुए कहा था कि 6 महीने के भीतर इन विषयों की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति किया जाय. लेकिन इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार का ध्यान इस ओर नही गया, झारखण्ड सरकार उच्च न्यायालय के आदेश आने के बावजूद भी न्यायालय की अवहेलना कर रही है. इन्ही वजहों से शिक्षक प्रतिभागी संघ ने 12 जुलाई को चतरा से राजभवन रांची तक पैदल मार्च भी किया था. लेकिन सरकार द्वारा अबतक किसी भी प्रकार से मामले को संज्ञान में नही लिया गया है. धरनास्थल में उपस्थित अभ्यार्थी ऐश्वर्य कुमार रंजन, आशीष कुमार, भूषण टाना भगत शमिल हैं


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news