कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच घर से लगभग 3 किलोमीटर दूर किया गया अंकिता का अंतिम संस्कार


दुमका (DUMKA): आखिर अंकिता का जिस्म पंच तत्व में विलीन हो गया. वही अंकिता जो सिरफिरे एक युवक की सनकी जिद की शिकार हो गई थी. जिसने प्रेम के इंकार करने पर उसे पेट्रोल छिड़कर जला दिया था और जिंदगी की जंग लड़ते हुए अंतत: अंकिता ने रांची रिम्स में शनिवार देर रात उसने दम तोड़ दिया था. कल देर रात जैसे ही अंकिता का शव उसके घर पहुंचा तो पूरा माहौल गमगीन हो गया. सुरक्षा के मद्देनजर जरूवाडीह गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया. सोमवार की सुबह से ही अंकिता के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. शव को उठाते वक्त स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने जमकर विरोध भी किया, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के कारण किसी की एक न चली और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच घर से लगभग 3 किलोमीटर दूर बेदीया घाट पर अंतिम संस्कार किया गया.
यह भी पढ़ें:
दुमका पेट्रोल कांड: धारा 144 लागू होने के बावजूद सड़क पर उतरे लोग, सीएम और आरोपी का किया पुतला दहन
शव यात्रा में मौजूद रहे सांसद
शव यात्रा में दुमका सांसद सुनील सोरेन भी शरीक हुए. सांसद ने भी कड़ी कार्यवाई के साथ मुआवजा की मांग की है. इसके अलावे डीसी, एसपी सहित जिले के कई वरीय पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे.
एक बार फिर जानिए घटनाक्रम
एक सप्ताह पहले घटना के आरोपी शाहरुख ने नाबालिग अंकिता पर खिड़की के सहारे पेट्रोल छिड़कर उसे आग के हवाले कर दिया था. जिसके बाद उसे पहले तो फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया. लेकिन बेहतर इलाज के लिए उसे रिम्स रांची रेफर कर दिया गया. लगभग पांच से छह दिन जिंदगी की जंग लड़ने के बाद शनिवार को अंकित ने दंम तोड़ दिया. उसकी मौत के बाद से दुमका के साथ-साथ पूरे राज्य में हड़कंप मच गया. आंदोलनकारी सड़कों पर उतरे, नेता, मंत्री और विधायकों ने बयान जारी किया. लेकिन अंकिता के परिवार के बीच रह गई तो बस उसकी कमी.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
4+