धनबाद में फायरिंग गैंग , बाइकर्स गैंग के बाद अब माओवादियों की उपस्थिति , कैसे निबटेगी पुलिस

    धनबाद में फायरिंग गैंग , बाइकर्स गैंग के बाद अब माओवादियों की उपस्थिति , कैसे निबटेगी पुलिस

     धनबाद(DHANBAD) | धनबाद में फायरिंग गैंग, बाइकर्स गैंग, प्रिंस खान तथा अमन सिंह गैंग  के बाद अब माओवादियों  की उपस्थिति लोगों को चिंता में डाल दिया है.  शनिवार की दोपहर 3 बजे धनबाद के तोपचांची के बेलमी  बिछी पहाड़ी में सड़क निर्माण में लगी जेसीबी मशीन को माओवादियों ने फूंक डाला.  इस घटना के बाद से व्याप्त भय का माहौल कम नहीं हो रहा है.  लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे है.  शनिवार को घटना के बाद तोपचाची पुलिस घटनास्थल के करीब गई जरूर लेकिन जहां जेसीबी मशीन जाली  है ,वहां नहीं गई.  वजह बताया गया कि जाने की कच्ची सड़क है और सुरक्षा के ख्याल से पुलिस उस जगह तक जाना उचित नहीं समझा.  

    माओवादी घटना स्थल के अगल बगल ही जमे रहे 

    चर्चा यह भी थी  कि माओवादी कल घटना के बाद अगल-बगल ही थे.  इस वजह से भी पुलिस सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया.  प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि माओवादियों के दस्ते में महिलाएं भी थी.  घटनास्थल के आसपास बम होने की भी  चर्चा थी.  जहां आगजनी की घटना की गई है, उसके बगल में ही बम रखे जाने की शनिवार को खूब चर्चा थी. यह भी कहा जाता है कि लेवी के लिए  इस घटना को अंजाम दिया गया है.  गणेशपुर से बेलमी  तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब साढ़े तीन  करोड़ की लागत से 3 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. किसी  शिवजी सिंह को यह काम मिला है. 

    50 से भी अधिक की संख्या में पहुंचे थे माओवादी 
     
    लोग बताते हैं कि घटना को अंजाम देने के लिए 50 से अधिक संख्या में माओवादियों का एक हथियारबंद दस्ता पहुंचा था.  उसके बाद तो जेसीबी मशीन चलाने वाला चालक जान बचाकर किसी तरह भगा.  फिर  माओवादियों ने जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया.  सूत्रों के अनुसार ठेकेदार  ने माओवादी संगठन को लेवी  नहीं दी थी.  इसे नाराज माओवादियों ने इस घटना को अंजाम दिया है.  इससे पहले भी दो बार ठेकेदार को कथित रूप से धमकी दी  गई थी.  कार्य को भी प्रभावित किया गया था.  ठेकेदार ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी.  तो प चाची साहू बहियार  से सीआरपीएफ बटालियन को एक  दिन पहले विशेष कारण से हटाया गया था और उसके दूसरे दिन  घटना को अंजाम देकर माओवादियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी.  लोग कह रहे हैं कि जब तक कैंप  था, माओवादी  किसी घटना को अंजाम नहीं दे पा रहे थे.

    झारखंड के चाईबासा में सक्रिय है माओवादी 
     
     हालांकि  झारखंड के चाईबासा में भी माओवादियों की सक्रियता बढ़ी हुई है.  रोज विस्फोट कराए जा रहे है.  अभी छत्तीसगढ़ में घटनाकर 10 जवानों को मौत के घाट उतार दिया गया था.  यह बात भी सच है कि माओवादी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे है.  कई लोग मुख्यधारा से जुड़ भी गए है. इधर , झारखंड पुलिस और एनआईए ने कार्रवाई करते हुए पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप को नेपाल या भूटान  से गिरफ्तार कर लिया है.  दिनेश  पर  झारखंड पुलिस ने 25 लाख  और एनआईए ने पांच लाख  का इनाम घोषित कर रखा था.  इस संगठन का रांची ,खूंटी, सिमडेगा जैसे स्थानों पर दबदबा है.  बड़े कारोबारियों, बिल्डर्स ,ठेकेदारों को धमकाकर रंगदारी वसूलना इस संगठन का पेशा  बताया गया है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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