पटना में 18 साल की छात्रा की मौत से मचा हड़कंप, यौन उत्पीड़न के आरोपों ने पकड़ा तूल


पटना : मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान (18) वर्षीय युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब मृतका के परिजनों ने 9 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाने में युवती के साथ उसके हॉस्टल मे मारपीट और यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट) का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गईं थी. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मेदांता अस्पताल के चिकित्सकों और उस हॉस्टल के वार्डन का बयान दर्ज किया और इस संबंध में ASP अभिनव कुमार ने बताया कि 9 जनवरी को ही मामला दर्ज कर लिया गया था और सभी संबंधित पक्षों से मामले की पड़ताल की जा रही है.
युवती मियादी बुखार से पीड़ित थी - डॉक्टर
एएसपी अभिनव कुमार के अनुसार मेदांता अस्पताल के चिकित्सकों ने अपने बयान में यौन उत्पीड़न जैसी किसी भी घटना से इनकार किया है. डॉक्टरों का कहना है कि युवती मियादी बुखार से पीड़ित थी और उसे नींद की गोलियां लेने की आदत थी. पुलिस द्वारा युवती के कमरे की तलाशी के दौरान भारी मात्रा मे नींद की गोलियों भी बरामद की गई है फिलहाल हर बिंदु पर जांच जारी है.
मामले को दबाने की कोशिश - परिजन
वहीं, परिजनों का आरोप है कि इस पूरे मामले में स्थानीय थाने की भूमिका संदिग्ध है और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. मृतका के शरीर पर कई जगह चोटों के निशान के साथ-साथ कई संदिग्ध परिस्थितियों बयां कर रही है कि उसके साथ मारपीट के बाद दुष्कर्म जर्नी जैसे घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया है और पुलिस इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास में लगी है. परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ हॉस्टल के रिकॉर्डिंग के जांच करवाए जाने की मांग की है. फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है. संबंधित लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
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