निकाय चुनाव : आ गया आयोग की गाइड लाइन, किन-किन दावेदारों को यह कर सकता है प्रभावित, पढ़िए डिटेल्स में !


धनबाद(DHANBAD) : पूरे झारखंड में फिलहाल निकाय चुनाव की चर्चा तेज है. सभी राजनीतिक दलों की परीक्षा होने वाली है. सत्ताधारी दल हो अथवा विपक्ष, चुनाव की तैयारी में जुटा हुआ है. अपने-अपने ढंग से तैयारी की जा रही है. लंबे समय से झारखंड में निकाय चुनाव की प्रतीक्षा की जा रही है. इधर, झारखंड निर्वाचन आयोग ने कई गाइडलाइन भी जारी कर दिया है. यह गाइडलाइन चुनाव लड़ने वालों को प्रभावित कर सकती है. जानकारी के अनुसार नगर निगम बोर्ड की लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने वाले निगम का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. बात इतनी ही नहीं है, 9 अक्टूबर 2013 के बाद अगर किसी भी उम्मीदवार का तीसरा बच्चा हुआ है, तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होगा. हालांकि, अगर बच्चा जीवित नहीं है, तो वह चुनाव लड़ सकता है.
सरकारी संस्था का बकाया रखने वाले भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे
वार्ड पार्षद चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए. मेयर और अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु नामांकन दाखिल करते समय 30 वर्ष जरूरी है. वार्ड पार्षद के दावेदार एक से अधिक वार्ड में अपना नामांकन नहीं कर पाएंगे. केंद्र या राज्य सरकार से किसी लाभ के पद पर काम करने वाले दावेदार नगर निकाय का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. कोई भी प्रत्याशी अगर आपराधिक मामले में 6 महीने से अधिक फरार हो, तो वह चुनाव नहीं लड़ पाएगा. कोर्ट द्वारा अगर किसी मामले में 6 वर्ष की सजा दी गई है और सजा की अवधि समाप्त नहीं हुई है, तो वह उम्मीदवार भी चुनाव नहीं लड़ सकता है. किसी भी सरकारी संस्था का बकाया रखने वाले भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. कोई भी प्रत्याशी अगर दीवालिया घोषित हो चुका हो या मानसिक रूप से बीमार हो, वह भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. खास बात यह है कि 2024 में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में तैयार मतदाता सूची के अनुसार ही इस बार नगर निकाय का चुनाव कराया जाएगा. इसमें ना कोई नाम छूटेगा और ना ही कोई नाम हटाया जाएगा.
तीन बच्चों के नियम से क्यों प्रभावित हो सकते है कई उम्मीदवार
धनबाद की बात की जाए तो तीन बच्चों को लेकर चुनाव की तैयारी कर रहे कई दावेदार प्रभावित हो सकते है. धनबाद नगर निगम का सीट सामान्य वर्ग के लिए घोषित किया गया है. इस वजह से उम्मीदवारों की लंबी सूची है. होर्डिंग ,पोस्टर अभी से ही टंगने शुरू हो गए हैं. कारोबार करने अथवा कोई और काम करने वाले भी खुद को समाजसेवी घोषित कर रहे हैं. एक तरह से समाज सेवी घोषित करने की होड़ मची हुई है. देखना है चुनाव आते-आते धनबाद से कितने दावेदार मेयर पद के लिए नामांकन करते हैं. जो भी हो, लेकिन इस बार धनबाद में मेयर चुनाव की लड़ाई दिलचस्प होगी.बाहुबली परिवार भी चुनाव में कूद सकता है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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