जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर एक बार फिर सामूहिक हत्याकांड से दहल उठा है. एग्रिको में टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी रविंद्र सिंह ने अपनी पत्नी, बेटे और गर्भवती बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी. इस वारदात में हथौड़े का इस्तेमाल किया गया. इस वारदात ने शहर को साल 2021 की खौफनाक घटना की याद दिला दी. उस वक्त भी कदमा में एक ही परिवार को हथौड़े से मौत के घाट उतार दिया गया था. 12 अप्रैल 2021 को कदमा थाना क्षेत्र के तिस्ता रोड स्थित क्वार्टर नंबर-99 में टाटा स्टील के दमकल विभाग में कर्मी दीपक कुमार ने अपनी पत्नी वीणा देवी, दो मासूम बेटियों श्रावणी और शानवी समेत ट्यूशन टीचर की निर्मम हत्या कर दी थी. आरोपी ने सभी पर हथौड़े से हमला किया था. सभी पर हथौड़े से आरोपी ने कई वार किए थे. बाद में पुलिस ने उसे धनबाद से गिरफ्तार किया था. उस घटना ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया था. अब एग्रिको ट्रिपल मर्डर में फिर हथौड़े के इस्तेमाल ने लोगों के मन में पुराने जख्म ताजा कर दिए हैं. लगातार सामने आ रहे ऐसे जघन्य अपराध यह सवाल खड़े कर रहे हैं कि आखिर पारिवारिक तनाव और मानसिक अस्थिरता किस तरह लोगों को दरिंदगी की हद तक पहुंचा रही है. जमशेदपुर में दोहराई जा रही ऐसी घटनाएं शहर की कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है.
तीनों शवों का कल होगा पोस्टमार्टम
एग्रिको में टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी रविंद्र सिंह की पत्नी सरिता सिंह, बेटी सुप्रिया सिंह और बेटे रविशेक सिंह का पोस्टमार्टम पुलिस मंगलवार को कराएगी. शवों को एमजीएम अस्पताल स्थित शीतगृह में रखा गया है. दिल्ली से बेटे और बेटी के आने के बाद शवों का पोस्टमार्टम होगा. रविंद्र सिंह ने सोमवार सुबह अपनी पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या की थी. एक बेटा और एक बेटी दिल्ली में रहते है.
जमशेदपुर में परिवार हत्याकांड के बड़े मामले
सिदगोड़ा और कदमा में परिवार हत्याकांड के अलावा जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में परिवार की सामूहिक हत्या के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं. आर्थिक तंगी, पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद में ये हत्याएं की गई. शहर के अलावा जमशेदपुर से सटे पोटका और चांडिल में ऐसी ही मामले आ चुके है. पिछले वर्षों में कई सनसनीखेज घटनाएं हुई है.
27 नवंबर 2012
सिदगोड़ा के बारीडीह स्थित ट्यूब कॉलोनी में पति-पत्नी और बेटी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी रतन चटर्जी (55), पत्नी श्यामली (50) और बेटी पियाली (18) की हत्या दामाद प्रलय ने की थी. संपत्ति के लालच में ये हत्याएं हुई थी.
20 जनवरी 2016
जमशेदपुर से सटे पोटका के चाटानी गांव में एक ही परिवार के 4 लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या की गई थी. बास्को टुडू नाम के व्यक्ति ने थापा टुडू (35), रमेश टुडू (30), रमेश की पत्नी मालती टुडू (20) और सोनिया टुडू (20) की हत्या की थी. यह हत्या पुरानी रंजिश में हुई थी.
23 मार्च 2020
बागबेड़ा में सिक्यूरिटी गार्ड जितेंद्र सिंह ने अपनी पत्नी रानी सिंह, बेटा आदित्य और कार्तिक की हत्या कर दी थी. आर्थिक तंगी और पारिवारिक तनाव के कारण हत्या हुई थी. आरोपी ने खुद पर भी हमला किया, लेकिन बच गया.
17 नवंबर 2024
जमशेदपुर से सटे चांडिल के कुरली गांव में अशोक कुमार महतो ने अपनी पत्नी मधुमिता महतो और डेढ़ साल के बेटे रोहित महतो की हत्या की थी. आर्थिक तंगी के कारण आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया था.

