26 एआई कैमरों से होगी हाथियों की निगरानी, सायरन बजते ही अलर्ट होंगे लोग

    26 एआई कैमरों से होगी हाथियों की निगरानी, सायरन बजते ही अलर्ट होंगे लोग

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR):  हाथी-मानव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग अब एआई कैमरों का सहारा लेगा. पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में एआई कैमरे लगाने की पहल शुरू कर दी गई है. विभाग की ओर से कुल 26 अत्याधुनिक एआई कैमरे लगाए जा रहे हैं. ये कैमरे पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया, सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल और दलमा में स्थापित किए जा रहे है. कैमरा लगाने का काम शुरू कर दिया गया है. वन विभाग के अनुसार इन कैमरों की मदद से हाथियों की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी. खास बात यह है कि जैसे ही कोई हाथी कैमरे की रेंज में आएगा, सिस्टम स्वतः सक्रिय होकर सायरन बजाने लगेगा. इससे आसपास के ग्रामीणों और वन विभाग की टीम को तुरंत जानकारी मिल जाएगी और लोग समय रहते सतर्क हो सकेंगे. ये कैमरे रात के अंधेरे में भी प्रभावी ढंग से काम करेंगे. कैमरों में लगे सेंसर और एआई तकनीक हाथियों की पहचान कर तुरंत अलर्ट जारी करेंगे. वन विभाग का मानना है कि इस तकनीक से गांवों में होने वाले हाथी हमलों और फसल नुकसान की घटनाओं में कमी आएगी. डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि फिलहाल 26 कैमरे लगाए जा रहे है. दलमा के अलावा चाकुलिया और चांडिल में कैमरे लगाए जा रहे है. 

    यहां लग रहा कैमरा 
    पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया वन क्षेत्र के राजाबासा, जमुआ, माचाडीहा, जमुआ, कलसीमूंग, मोरबेडा, पूर्णापानी में कैमरे लगाए जा रहे. इसके अलावा चांडिल के कुकड़ू, नीमडीह, कुसपुतुल, अंडा आदि गांव में कैमरे लगाए जा रहे है. दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी में हाथियों के आवागमन करने वाले रास्तों पर कैमरे लगेंगे. कैमरा लगाने के लिए 40 फीट ऊंचा टावर का निर्माण किया जा रहा है. वन विभाग का दावा है कि इन कैमरा के लगने से हाथी और मानव के संघर्ष में काफी हद तक कमी आएगी. 

    आए दिन हाथी मचाते हैं उत्पात
    पूर्वी सिंहभूम जिले का चाकुलिया वन क्षेत्र और सरायकेला खरसावां जिले का चांडिल वन क्षेत्र हाथियों से काफी प्रभावित है. दोनों जगह पर हाथियों का झुंड अक्सर गांव में घुस उत्पात मचा रहा है. घर और खेतों को नुकसान पहुंचाने के अलावा हाथी जान माल को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं. रोज किसी न किसी गांव में हाथियों का उपद्रव हो रहा है. वन विभाग में हाथी और मानव के संघर्ष को रोकने के लिए क्षेत्र में पूर्व में भी कई सारे काम किए हैं, लेकिन उसके बाद भी हाथियों का उत्पात जारी है. अब वन विभाग को भरोसा है कि एआई कैमरे लगने से हाथियों की सटीक निगरानी होगी और हाथियों से लोगों की सुरक्षा भी होगी. 



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