रांची (RANCHI): रांची सिविल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी मेडिकल छात्रा ओली विश्वकर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी है. दरअसल अदालत ने मामले की गंभीरता और ओली पर लगे आरोपों की संदेहास्पद प्रकृति को देखते हुए उसे किसी भी प्रकार की राहत देने से साफ इनकार कर दिया और उसकी बेल याचिका को खारिज कर दिया. इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान ही पुलिस द्वारा केस डायरी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी थी, जिसके बाद सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बता दें, आरोपी मेडिकल छात्रा ओली विश्वकर्मा ने अपने ही दोस्त की बर्थडे पार्टी के बहाने एक युवती को बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म करवाने का मामला सामने आया है.
आपको बता दें, इस मामले को लेकर लालपुर थाना में कांड संख्या 66/2026 के तहत ओली विश्वकर्मा और इस घिनौने अपराध से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ पीड़िता की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले में यह गंभीर आरोप है कि ओली ने साजिश के तहत पीड़िता को झांसा देकर बर्थडे पार्टी के नाम पर बुलाया था, जहां अन्य आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि एक महिला होने के बावजूद इस तरह के कृत्य में संलिप्तता और साजिश रचना बेहद संगीन अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता.
बताते चले, अदालत में ओली विश्वकर्मा की जमानत याचिका पर हुई बहस के दौरान पीड़िता का पक्ष रख रहे अधिवक्ता पवन रंजन खत्री और कीर्ति सिंह ने पुरजोर तरीके से बेल का विरोध किया. उन्होंने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि आरोपी मेडिकल की छात्रा है और समाज में उसका ऐसा आचरण अत्यंत निंदनीय है. यदि उसे इस मोड़ पर जमानत मिलती है, तो वह गवाहों और सबूतों को प्रभावित कर सकती है.

