रफ्तार का कहर: काम करने जा रहा था युवक, ट्रक की चपेट में आने से हुई दर्दनाक मौ'त

    रफ्तार का कहर: काम करने जा रहा था युवक, ट्रक की चपेट में आने से हुई दर्दनाक मौ'त

    सिमडेगा (SIMDEGA): सिमडेगा NH-143 पर भारी मालवाहक ट्रक और बाइक के बीच भीषण टक्कर हो गई. टक्कर में बाइक सवार मोहम्मद नूरूद्दीन की दर्दनाक मौत हो गई. घटनास्थल से ट्रक छोड़कर ड्राइवर फरार हो गया. सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पुलिस दुर्घटनाग्रस्त से ट्रक को जब्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

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    क्या है मामला

    सिमडेगा से गुजरने वाली एनएच 143 पर रफ्तार ने अपना कहर बरपाया और बाइक सवार की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार लोहरदगा निवासी मोहम्मद नूरूद्दीन अपने साथी सुहैल के साथ सिमडेगा मैकेनिक का काम करने बाइक से आ रहा था. फरसाबेडा के पास पीछे से आ रही ट्रक ने उनके बाइक को अपने चपेट में ले लिया. इससे घटनास्थल पर ही मैकेनिक मोहम्मद नूरूद्दीन की दर्दनाक मौत हो गई. सूचना मिलते ही

    NH-143 की दैनिय स्थिति

    बता दें कि सिमडेगा से ओडिशा बॉर्डर तक नेशनल हाइवे NH-143 की हालत हमेशा से ही खबरों में रही है. यह केवल नाम का नेशनल हाइवे है. इसकी हालत देख आप भी परेशान हो सकते है. कुछ दिन पहले इस सड़क की थोड़ी मरम्मत की गई थई. इसके लिए सड़म में बोल्डर आदि डालकर कुछ हद तक उसे चलने लायक बनाया गया था. लेकिन भारी वाहनों के आवागमन में फिर वैसा ही हो गया है. ऐसे में बड़े वाहनों और पैदल चलने वाले लोगों का यहां से गुजरना मुश्किल होता है. सड़क की  दैनिय हालत के कारण यहां आए दिन सड़क हादसा होता है. जिससे अब तक कई लोगों की जान भी जा चुकी है.

    एनएचएआई ने एनएच-143 को अपनी सड़क मानने से किया इंकार 

    दो साल पहले जब सिमडेगा के श्रीकांत श्रीवास्तव ने भारत सरकार के पीजी पोर्टल में NH-143 की हालत को लेकर शिकायत की थी तब नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने एनएच-143 को अपनी सड़क मानने से इंकार कर दिया था. एनएचएआई ने अपने जवाब में कहा कि यह सड़क अब झारखंड सरकार के रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के अंडर में है. वहीं इसकी मरम्मत करने का जिम्मेदार है.  

    झारखंड और भारत में क्या है सड़क हादसे का आंकड़ा

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया भर में सड़क हादसों में मारे गए 10 लोगों में से कम से कम एक भारत से होता है. भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पिछले साल रोड एक्सिडेंट्स इन इंडिया-2020 नामक एक रिपोर्ट जारी की थी. जिसमें बताया गया है कि वर्ष 2020 में कुल 1,20,806 दुर्घटनाओं में से 43,412 राष्ट्रीय राजमार्गों पर, 30,171 राज्य राजमार्गों पर और 47,223 अन्य सड़कों पर हुईं. वर्ष 2020 के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सड़क हादसे में 1,31,714 लोगों की जान गई और 3,48,279 लोग घायल हुए. हर एक सौ सड़क हादसे में 36 लोगों की जान गई जो कि साल 2019 के 33 के मुकाबले कहीं अधिक है. इधर, झारखंड में वर्ष 2017 में 40 मौतें हुई थी. जबकि वर्ष 2018 में 72, वर्ष 2019 में 93, वर्ष 2020 में 119 और वर्ष 2021 में 132 मौतें सड़क हादसे में हुई हैं.

    रिपोर्ट: अमित रंजन, सिमडेगा


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